
Explainer: जम्मू कश्मीर में बढ़ जाएंगे 25 लाख नए वोटर, बाहरी भी कर सकेंगे वोट... जानिए- नए नियमों को लेकर क्यों उठा बवाल?
AajTak
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है. जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिरदेश कुमार ने बताया कि इस बार वोटर लिस्ट में 25 लाख नए वोटर्स जुड़ सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अब जम्मू-कश्मीर में रह रहे दूसरे नागरिक भी वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा सकते हैं.
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है. वो इसलिए, क्योंकि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट पर काम करना शुरू कर दिया है. आयोग का कहना है कि इस बार वोटर लिस्ट में 20 से 25 लाख नए वोटर शामिल हो सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अब जम्मू-कश्मीर में रह रहे बाहरी लोगों को भी वोटिंग का अधिकार मिल गया है.
जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिरदेश कुमार ने बताया कि दूसरे राज्य के जो लोग यहां रह रहे हैं, वो अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवाकर वोट डाल सकते हैं. इसके लिए उन्हें मूल निवासी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है. इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षाबलों के जवान भी वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करा सकते हैं.
हिरदेश कुमार ने बताया कि जो भी 1 अक्टूबर 2022 तक 18 साल का हो जाएगा, वो अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकता है. फाइनल वोटर लिस्ट 25 नवंबर को जारी होगी. जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 1 जनवरी 2019 को वोटर लिस्ट आई थी.
अब तक क्या था?
आर्टिकल 370 और 35A ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया था. केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 हटा दिया था. साथ ही आर्टिकल 35A को भी खत्म कर दिया था. इससे अब वहां के लोगों को भी वो सारे अधिकार मिल गए हैं, जो देश के दूसरे हिस्सों में रह रहे लोगों के पास थे.
आर्टिकल 35A के तहत, जम्मू-कश्मीर के गैर-नागरिक न तो यहां स्थायी रूप से बस सकते थे, न संपत्ति खरीद सकते थे और न ही पंचायत से लेकर विधानसभा चुनाव में वोट डाल सकते थे. उन्हें सिर्फ लोकसभा चुनाव में वोट डालने का अधिकार था.

भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नवीन को अपना 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पार्टी की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी. नितिन नवीन, जो 1980 में जन्मे, अब पार्टी के नए नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं. बीजेपी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, जिसके 14 करोड़ कार्यकर्ता हैं, जो अन्य बड़ी पार्टियों से कहीं अधिक हैं.

नोएडा इंजीनियर मौत मामले में एसआईटी कह रही है कि जल्द सबसे सवाल-जवाब करके निष्पक्ष जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी. लेकिन एक सवाल चश्मदीद की तरफ से उठ रहा है. वो चश्मदीद जो लगातार मीडिया को पहले बताते रहे कि पुलिस, दमकल, SDRF की टीम दो घंटे तक बचाने के लिए नहीं उतरी थी. लेकिन बाद में वो कुछ और बयान देते पाए गए. जानकारी मिली कि पुलिस ने उन्हें पांच घंटे तक बैठाकर रखा था. तो क्या ये दबाव बनाने की कोशिश थी? देखें खबरदार.

गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 11 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही भरभराकर गिर गई. 19 जनवरी को टेस्टिंग के दौरान 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी गिर गई, जिसमें एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हुए. मलबे से घटिया निर्माण सामग्री के संकेत मिले हैं. ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.








