
Exit Poll: ममता और बसपा का एकला चलो, BRS का सफाया... 5 सियासी फैक्टर जो मोदी की हैट्रिक की सीढ़ी बने
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एग्जिट पोल में तीसरी बार मोदी सरकार के अनुमान जताए गए हैं. इंडिया टुडे एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में एनडीए को 361 से 401 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. पांच पॉइंट में समझिए वो सियासी फैक्टर जो एग्जिट पोल में पीएम मोदी की हैट्रिक की सीढ़ी बनते दिख रहे हैं.
लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब एग्जिट पोल के अनुमान भी सामने आ चुके हैं. एग्जिट पोल नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 2019 से भी बड़ी जीत के साथ सत्ता में वापसी करने के अनुमान जताए गए हैं. इंडिया टुडे एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में एनडीए को 361 से 401 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. एग्जिट पोल अनुमान अगर असल नतीजों में बदले तो विपक्षी इंडिया ब्लॉक को 131 से 166 और अन्य को 8 से 20 सीटें मिल सकती हैं.
एग्जिट पोल के अनुमानों में यूपी जैसे बड़े राज्य में बीजेपी और एनडीए 2019 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करती नजर आ रही है तो वहीं पश्चिम बंगाल में चौंकाती नजर आ रही है. इंडिया टुडे एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में दक्षिण भारत के तेलंगाना में भी बीजेपी का वोट शेयर और सीटों की संख्या बढ़ने के अनुमान जताए गए हैं. पश्चिम बंगाल से यूपी और तेलंगाना तक, वो कौन से सियासी फैक्टर रहे जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले गठबंधन की हैट्रिक के लिए सीढ़ी बन गए?
1- ब्रांड मोदी की बढ़ी वैल्यू
एग्जिट पोल नतीजों में बीजेपी और एनडीए के प्रचंड जीत के साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के अनुमान हैं. मोदी की हैट्रिक (अगर एग्जिट पोल के अनुमान वास्तविक चुनाव नतीजों में तब्दील होते हैं तो) के पीछे ब्रांड मोदी को बड़ा फैक्टर बताया जा रहा है. पिछले चुनावों की बात करें तो 2014 में एनडीए को 331 और 2019 में 351 सीटों पर जीत मिली थी.
इंडिया टुडे एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में एनडीए को कम से कम 361 सीटें मिलने का अनुमान है. ये आंकड़ा भी पिछले दो चुनावों के मुकाबले कहीं अधिक है. 10 साल सरकार चलाने के बाद इस तरह का जनादेश इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ब्रांड मोदी की ब्रांड वैल्यू चुनाव दर चुनाव बढ़ी ही है. राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने जैसे फैसलों के जरिए पीएम मोदी वादे पूरे करने वाले नेता की इमेज गढ़ने में सफल रहे हैं.
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