
EXCLUSIVE: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खात्मे का प्लान तैयार! सबसे बड़े दुश्मन का सामने आया नाम, जानें, अमेरिका से क्या है कनेक्शन?
AajTak
लॉरेंस बिश्नोई गैंग को खत्म करने का प्लान बनाया जा रहा है, जिसका खुलासा जांच एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से हुआ है. सूत्रों के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई की B कंपनी को खत्म करने का प्लान बनाया जा रहा है. दिल्ली से सटी एक जेल में बंद गैंगस्टर ने बनाया ये प्लान बनाया है.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के ऊपर अब उनके सबसे बड़े दुश्मन का साया मंडराने लगा है. विरोधी गैंग ने लॉरेंस के पूरे सिंडिकेट को खत्म करने का प्लान तैयार कर लिया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को इस प्लान की जानकारी मिल गई है. सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने आज तक को इस Exclusive प्लान की जानकारी दी है.
सूत्रों के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई की B कंपनी को खत्म करने का प्लान बनाया जा रहा है. दिल्ली से सटी एक जेल में बंद गैंगस्टर ने बनाया ये प्लान बनाया है. इस प्लानिंग के पीछे लॉरेंस के सबसे बड़े दुश्मन गैंगस्टर कौशल चौधरी का नाम सामने आया है.
अमेरिकी में बैठे शूटर ने दिल्ली में कराई फायरिंग
दरअसल, 26 अक्टूबर को दिल्ली के रानीबाग इलाके में एक बिजनेसमैन के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी. वारदात को अंजाम देने वाले 2 शूटर्स को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में ये फायरिंग अमेरिका में बैठे कुख्यात गैंगस्टर पवन शौकीन ने करवाई थी.
बिजनेसमैन से मांगी थी 15 करोड़ की रंगदारी
पवन शौकीन फिलहाल अमेरिका के कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो शहर में बैठा हुआ है. पवन शौकीन ने ही दोनों शूटर्स को दिल्ली में बिजनेसमैन के घर की रेकी कनरे के बाद फायरिंग करने का ऑर्डर दिया था. फायरिंग के बाद बिजनेसमैन से 15 करोड़ रुपए मांगे गए थे. सूत्रों के मुताबिक पीड़ित ये पैसे देने के लिए तैयार भी था.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









