
Exclusive: ऑपरेशन 'LPG ब्लैक मार्केटिंग'... दिल्ली में गैस सिलेंडर के काले कारोबार का पर्दाफाश
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देश में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. सरकार कह रही है कि गैस की कोई दिक्कत नहीं है, सप्लाई पूरी है. ऐसे में सवाल उठता है कि फिर ये सिलेंडर कहां चले गए? सरकार ने आशंका जताई है कि कालाबाजारी हो रही है. इसी को लेकर आजतक की टीम ने दिल्ली के कई इलाकों में स्टिंग ऑपरेशन किया है.
ईरान-अमेरिका युद्ध की आहट से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हलचल मची हुई है. देश में एलपीजी सिलेंडर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. लोगों को घंटों तक लाइन में लगने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. लेकिन सरकार कह रही है कि गैस की कोई दिक्कत नहीं है, सप्लाई पूरी है. ऐसे में सवाल उठता है कि फिर ये सिलेंडर कहां चले गए?
सरकार ने आशंका जताई है कि कालाबाजारी हो रही है. इसी को लेकर आजतक की टीम ने दिल्ली के कई इलाकों में स्टिंग ऑपरेशन किया है. इस दौरान कालाबाजारी का जो सच सामने आया, उससे हर कोई हैरान रह गया. कहीं किसी दुकान में, तो कहीं किसी झुग्गी और कहीं किसी घर में दर्जनों गैस सिलेंडर रखे हैं, जिन्हें महंगे दामों पर बेचा जा रहा है. इससे आम जनता को लूटने के साथ-साथ सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो रहा है.
जांच में दिल्ली के कई स्थानों का पता चला, जहां कालाबाजारी करने वाले बड़ी संख्या में सिलेंडर जमा कर रहे थे. यहां बिना बुकिंग स्लिप के उन्हें बेचा जा रहा है और डिलीवरी से पहले थोड़ी-थोड़ी गैस भी निकाली जा रही थी. यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब एलपीजी की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ रही है.
बढ़ती मांग और उपभोक्ताओं की चिंता
बता दें कि 11 मार्च को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घोषणा की कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की न्यूनतम डिलीवरी अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी जाएगी. सरकार ने यह भी दोहराया कि प्रति परिवार सालाना 15 सिलेंडरों की सीमा लागू रहेगी. अधिकारियों ने इसे आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच मांग को नियंत्रित करने के लिए एक अस्थायी कदम बताया.
सरकार के अनुसार एलपीजी या फ्यूल ऑयल की वास्तविक कमी नहीं है. हालांकि, उपभोक्ताओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बीच घबराहट में की जा रही खरीद और चिंता ने जमीनी हकीकत को अलग बना दिया है. कई महानगरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों और कमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण रेस्तरां बंद होने की खबरें सामने आने लगी हैं.

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