
EVM के मुद्दे पर INDIA ब्लॉक में दो फाड़! उमर अब्दुल्ला के बाद अब अभिषेक बनर्जी ने भी कांग्रेस से किया किनारा
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कांग्रेस ने हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनावी हार के बाद ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई है. उसके कई नेताओं ने फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई है. लेकिन इस मुद्दे पर कांग्रेस को इंडिया ब्लॉक में शामिल अपने सहयोगी दलों का ही साथ नहीं मिल रहा.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के आरोपों को खारिज कर दिया है. हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग कर रही है.
अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को संसद भवन परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, 'जो लोग ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, अगर उनके पास कुछ है तो उन्हें चुनाव आयोग के पास जाकर डेमो दिखाना चाहिए. अगर ईवीएम रैंडमाइजेशन के समय काम ठीक से किया गया है, और बूथ पर काम करने वाले लोग मॉक पोल और गिनती के दौरान जांच करते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि इस आरोप में कोई दम है.' टीएमसी सांसद ने आगे कहा, 'अगर फिर भी किसी को लगता है कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है, तो उन्हें चुनाव आयोग से मिलना चाहिए और बताना चाहिए कि ईवीएम को कैसे हैक किया जा सकता है. सिर्फ अनाप-शनाप बयान देकर कुछ नहीं किया जा सकता.'
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चुनावी हार का दोष EVM पर नहीं डाल सकते: उमर अब्दुल्ला
उनकी यह टिप्पणी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और इंडिया ब्लॉक के सदस्य उमर अब्दुल्ला द्वारा ईवीएम पर कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज करने के एक दिन बाद आई है. उमर अब्दुल्ला ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में इस मुद्दे पर कहा था, 'जब आप जीतते हैं तो चुनाव परिणामों को स्वीकार कर तेले हैं और जब आप हारते हैं तो ईवीएम को दोष देते हैं. इसी ईवीएम से जब आपके 100 से ज्यादा सांसद चुनकर आते हैं, तो आप इसे अपनी पार्टी की जीत के रूप में सेलिब्रेट करते हैं, तो कुछ महीनों बाद यह आप नहीं कह सकते कि हमें ईवीएम पसंद नहीं है, क्योंकि अब चुनाव नतीजे उस तरह नहीं आ रहे हैं जैसा हम चाहते हैं.'
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