
ED ऑफिस का CCTV खंगालने पहुंची थी रांची पुलिस, पूर्व सरकारी कर्मचारी के आरोपों से बढ़ा सियासी टकराव
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रांची में मौजूद ED ऑफिस में पुलिस की छापेमारी से हड़कंप मच गया. दरअसल, पुलिस टीम वहां लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के लिए पहुंची थी. यह मामला एक पूर्व सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट किए जाने से जुड़ा है. बाबूलाल मरांडी ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं. जबकि हेमंत सोरेन और ED की पुरानी लड़ाई फिर चर्चा में आ गई है.
Ranchi Police ED Probe: रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जोनल ऑफिस का मामला गुरुवार को उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब रांची पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और CCTV फुटेज जुटाए. यह कार्रवाई एक पूर्व झारखंड सरकारी कर्मचारी द्वारा ED अधिकारियों पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद की गई. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, CCTV फुटेज को जांच के अहम सबूत के तौर पर सुरक्षित किया गया है. इस घटनाक्रम ने केंद्रीय एजेंसी और राज्य पुलिस के बीच संभावित टकराव की आशंका को भी जन्म दिया है. फिलहाल यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर संवेदनशील माना जा रहा है.
पूर्व कर्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप जानकारी के अनुसार, पीने के पानी और स्वच्छता विभाग के एक पूर्व कर्मचारी ने 12 जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में उसने आरोप लगाया कि कथित जल आपूर्ति घोटाले की पूछताछ के दौरान ED अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट की. पीड़ित का दावा है कि पूछताछ के नाम पर उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया. इसी शिकायत के आधार पर रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ED कार्यालय की CCTV रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की. इस मामले ने मानवाधिकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
DSP रैंक का अफसर कर रहा टीम की अगुवाई सूत्रों के मुताबिक, रांची पुलिस की जो टीम ED ऑफिस पहुंची, उसमें DSP रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. उनके साथ एयरपोर्ट थाना प्रभारी भी मौजूद थे. पुलिस टीम ने सुबह के वक्त ED कार्यालय का दौरा किया और CCTV फुटेज को कब्जे में लिया. यह संकेत माना जा रहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच उच्च स्तर पर चल रही है. हालांकि पुलिस ने अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
पुलिस की चुप्पी, कई सवाल बाकी रांची पुलिस की ओर से अब तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई औपचारिक प्रेस बयान सामने नहीं आया है. पुलिस की चुप्पी के चलते अटकलों का बाजार गर्म है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह केवल एक आपराधिक शिकायत की जांच है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक संदेश छिपा है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक रुख स्पष्ट किया जाएगा.
टकराव से जुड़ा ताजा घटनाक्रम यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में पश्चिम बंगाल में भी ED और राज्य पुलिस के बीच टकराव देखा गया था. वहां राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के दौरान जबरन घुसने और दस्तावेज चोरी के आरोप लगे थे. रांची की घटना को भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है, जहां केंद्रीय एजेंसियों और राज्य प्रशासन के रिश्तों में तनाव बढ़ता दिख रहा है.
CCTV फुटेज की गहन जांच रांची पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ED कार्यालय के CCTV फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है. यह देखा जा रहा है कि पूछताछ के दौरान क्या कोई अनियमितता या मारपीट हुई. फुटेज के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी. यह जांच ED अधिकारियों के लिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकता है.

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