
Dussehra 2025: रावण का बेटा इन्द्रजीत किस देवी की करता था पूजा? देवताओं में था इनका खौफ
AajTak
Dussehra 2025: रामायण में रावण का बेटा इन्द्रजीत युद्धभूमि में लक्ष्मण पर हावी हो गया और उनकी जान तक संकट में पड़ गई. इसकी वजह थी इन्द्रजीत की उपासना. लेकिन इन्द्रजीत ऐसी कौन सी देवी की उपासना करता है? आइए जानते हैं.
हर साल आश्विन शुक्ल दशमी तिथि पर रावण का पुतला दहन किया जाता है. यह पर्व बुराई पर अच्छाई का प्रतीक माना जाता है. आपने अभिमानी और अहंकारी रावण के बारे में तो बहुत सुना होगा. लेकिन क्या आप रावण के पराक्रमी पुत्र इन्द्रजीत के बारे में जानते हैं. इंद्रजीत अपने समय का सबसे वीर योद्धा था. वो इतना शक्तिशाली था कि देवता भी उससे भयभीत रहते थे. वह केवल अस्त्र-शस्त्र के बल पर ही नहीं, बल्कि अद्वितीय तांत्रिक और देवी-उपासना के बल पर भी महाशक्तिशाली बन चुका था. आइए आज आपको बताते हैं कि इंद्रजीत इतना शक्तिशाली कैसे हो गया था और वो किस देवी की पूजा करता था.
जब भगवान शिव को लेना पड़ा शरभ अवतार पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने नरसिंहा अवतार लेकर अत्याचारी हिरण्यकशिप का वध तो किया था. लेकिन उसे नष्ट करने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ. तब सृष्टि का संतुलन करने के लिए भगवान शिव ने भी एक और उग्र रूप धारण किया, जिसे शरभेष्वर रूप कहा जाता है. इस स्वरूप का उद्देश्य नरसिंह भगवान के विकराल और क्रोधित स्वरूप को शांत करना था. लेकिन उस समय स्थिति ऐसी बनी कि शिव और विष्णु, दोनों महाशक्तियां आपस में ही टकरा गईं. जब ब्रह्मांड अस्त-व्यस्त होने लगा और देवता भी भय से सहम उठे, तब आदि शक्ति ने अपने सबसे भयानक रूप में अवतार लिया. यही रूप था माता प्रत्यंगिरा का. ऐसी मान्यताएं हैं कि इन्द्रजीत देवी प्रत्यंगिरा की ही पूजा किया करता था.
कैसा था देवी प्रत्यंगिरा का स्वरूप?
देवी प्रत्यंगिरा का स्वरूप रहस्य और अद्भुत शक्ति का प्रतीक है. देवी का स्वरूप आधी सिंहनी और आधी नारी का है. इनका प्राकट्य शिव और विष्णु की लड़ाई को रोकने के लिए हुआ था. माता ने शिव और विष्णु की लड़ाई को रोकने के लिए तेज गर्जना की और दोनों देवता भयभीत होकर शांत हो गए. माता प्रत्यंगिरा का प्राकट्य केवल विनाशकारी नहीं, बल्कि संतुलन और शांति स्थापित करने वाली देवी मानी जाती हैं. इन्हीं की साधना करने से इन्द्रजीत इतना प्रबल हुआ कि लक्ष्मण जी तक उनके अस्त्र-शस्त्र से घायल होकर मृत्यु के मुंह तक पहुंच गए थे.

Portronics Zeno Go review: पोर्टोनिक्स भारतीय बाजार में मिक्स्ड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के साथ आता है. हम पिछले कुछ दिनों से ब्रांड का मिनी मसाजर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे रिचार्ज किया जा सकता है. ये डिवाइस पोर्टेबल है, जिसकी वजह से कहीं भी आसानी से कैरी किया जा सकता है. इसमें आपको मल्टीपल मसाज हेड्स मिलते हैं. रिव्यू में हम जानेंगे कि क्या ये एक वैल्यू फॉर मनी डिवाइस है.

क्या एलॉन मस्क एक स्मार्टफोन लॉन्च करने वाले हैं? इसकी चर्चा मस्क के एक कमेंट के बाद शुरू हुई है. मस्क ने X पर Starlink Phone को लेकर एक यूजर के कमेंट का जवाब दिया है. मस्क ने कहा कि ऐसा होना असंभव नहीं है. हालांकि, उनका फोन मौजूदा स्मार्टफोन्स से काफी अलग होगा, जो मैक्सिमम परफॉर्मेंस पर फोकस करेगा.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.









