
Diabetes in India: भारत में लाखों बच्चे टाइप 1 डायबिटीज के शिकार, सामने आई डराने वाली रिपोर्ट
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Diabetes in India: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ICMR ने टाइप 1 डायबिटीज मरीजों के इलाज के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. डायबिटीज के मरीजों को कोरोना का खतरा सबसे ज्यादा है. टाइप 1 डायबिटीज बच्चों और कम उम्र के लोगों को अपना शिकार बनाता है. जानें कितनी खतरनाक है ये बीमारी?
- दुनिया में टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित सबसे ज्यादा बच्चे और किशोर भारत में रहते हैं. - टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित दुनिया का हर पांचवा बच्चा या किशोर भारतीय है. - भारत में हर दिन 65 बच्चे या किशोर टाइप 1 डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं.
ये कुछ आंकड़े हैं, जो बताते हैं कि भारत में टाइप 1 डायबिटीज कितनी बड़ी समस्या बनती जा रही है. इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) के मुताबिक, डायबिटीज के कारण पिछले साल दुनियाभर में डायबिटीज से 67 लाख से ज्यादा मौतें हुई थीं. ये मौतें 20 से 79 साल की उम्र के लोगों की थी.
आईडीएफ की ताजा रिपोर्ट बताती है कि दुनियाभर में टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और किशोरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. 2021 तक दुनियाभर में 12.11 लाख से ज्यादा बच्चे और किशोर टाइप 1 डायबिटीज से जूझ रहे थे. इनमें से आधे से ज्यादा की उम्र 15 साल से कम है. इनमें भी सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की है. भारत में 2.29 लाख से ज्यादा बच्चे और किशोरों को टाइप 1 डायबिटीज है.
डायबिटीज दो तरह की होती है. टाइप 1 और टाइप 2. टाइप 1 डायबिटीज कम उम्र में ही हो जाती है. इससे पीड़ित व्यक्ति को जीने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है. इसका कोई ठोस इलाज भी नहीं है. वहीं, टाइप 2 से जूझ रहे लोगों का दवाओं और थैरेपी के जरिए इलाज तो हो सकता है, लेकिन इन्हें भी इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है.
आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और किशोरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. बीते साल भारत में टाइप 1 डायबिटीज के 24 हजार से ज्यादा नए मरीज सामने आए हैं. यानी, हर दिन 65 से ज्यादा बच्चे और किशोर टाइप 1 डायबिटीज का शिकार बन गए.
यही वजह है कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी ICMR ने टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. ICMR की ये गाइडलाइन ऐसे समय आई है जब एक बार फिर से कोरोना के मामलों में रफ्तार आने लगी है. डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के कोरोना संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है.

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