
Coronavirus Updates: देश में 24 घंटे में 54,069 केस, सिर्फ 6 राज्यों में मिले 80 फीसदी नए केस, देखें आंकड़े
AajTak
Coronavirus In India Updates:भारत 5 राज्यों में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हैं. महाराष्ट्र में 5,997,587, केरल में 2,842,247, कर्नाटक में 2,819,465, तमिलनाडु में 2,443,415 और आंध्र प्रदेश में 1,862,036 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं.
भारत में कोरोना के केस घट तो रहे हैं, लेकिन डेल्टा प्लस वैरिएंट से खतरा बढ़ता जा रहा है. भारत में अब तक डेल्टा प्लस के 40 नए केस सामने आ चुके हैं. महाराष्ट्र, एमपी, केरल और तमिलनाडु राज्यों में डेल्टा प्लस के नए केस सामने आए हैं. अकेले महाराष्ट्र में ही 21 मरीजों की पहचान हुई है, जबकि मध्य प्रदेश से 5 नए केस मिले हैं. वहीं, कोरोना के नए मामलों की बात करें तो पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना के 54,069 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 3,00,82,778 हो गई है. वहीं, 24 घंटे में हुई 1,321 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 3,91,981 हो गई है. पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 68,885 मरीज ठीक हुए, जिसके बाद ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या 2,90,63,740 हो गई है. देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 6,27,057 है.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









