
Champions Trophy: ...तो शतक नहीं बना पाते विराट कोहली! PAK टीम अपील करती तो हो सकती थी मुश्किल
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सुनील गावस्कर का मानना है कि यदि पाकिस्तान के किसी फील्डर ने अपील करने का फैसला किया होता तो उन्हें 'फील्ड में बाधा पहुंचाने' के लिए आउट दिया जा सकता था. यहां तक कि उन्होंने स्टार बल्लेबाज को ऐसी कोई हरकत न करने की सलाह भी दी.
भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ चैम्पियंस ट्रॉफी मुकाबले में 6 विकेट से जीत हासिल की. भारतीय टीम की जीत में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली का अहम रोल रहा. 'प्लेयर ऑफ द मैच' कोहली ने नाबाद 100 रन बनाकर भारतीय टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया. कोहली ने 111 गेंदों पर पारी में 7 चौके लगाए. कोहली के वनडे इंटरनेशनल करियर का ये 51वां शतक रहा.
...तो शतक नहीं बना पाते विराट कोहली
इस मुकाबले में एक मौका ऐसा आया जब विराट कोहली आउट हो सकते थे. वो भी खुद की एक गलती से. दरअसल कोहली ने अपनी शतकीय पारी के दौरान एक मौके पर पाकिस्तानी फील्डर के थ्रो को अपने हाथ से रोका था और वह नॉन-स्ट्राइकर छोर पर आराम से क्रीज पार कर गए थे. कोहली उस समय 41 रन पर थे.
विराट कोहली का ऐसा करना आईसीसी के नियमों के विपरीत था और वह 'obstructing the field'(फील्ड में बाधा उत्पन्न करना) की वजह से आउट हो सकते थे. हालांकि पाकिस्तान के किसी फील्डर ने अपील नहीं किया, जिसके कारण किंग कोहली बच गए. यह वाकया पारी के 21वें ओवर में हुआ.
उस ओवर में हारिस रउफ की पांचवी गेंद पर कोहली ने सिंगल लिया. नॉन-स्ट्राइकर एंड पर थ्रो सटीक नहीं आया था, लेकिन कोहली ने गेंद को अपने दस्ताने के सहारे रोक दिया. हालांकि कोहली का इरादा खेल के पेस को बाधित करने का नहीं था. कोहली ने आराम से रन पूरा किया, लेकिन पाकिस्तान के पास अपील करने का विकल्प था.
विराट कोहली ने थ्रो रोकने से पहले ज्यादा नहीं सोचा, लेकिन भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर जो हुआ उससे खुश नहीं थे. गावस्कर ने कहा कि यदि पाकिस्तान के किसी फील्डर ने अपील करने का फैसला किया होता तो उन्हें 'फील्ड में बाधा पहुंचाने' के लिए आउट दिया जा सकता था और यहां तक कि उन्होंने स्टार बल्लेबाज को ऐसी कोई हरकत न करने की सलाह भी दी. ICC के नियम 37.1 के मुताबिक एक बल्लेबाज को फील्डिंग में बाधा पहुंचाने के लिए आउट दिया जा सकता है.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












