
Chamba Murder Case: भीड़ ने फूंका आरोपी का घर, BJP बोली- आतंकी हमले से भी जुड़ चुके हत्यारे के तार
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Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा में हुए युवक के निर्मम हत्याकांड मामले ने तूल पकड़ लिया है. गुस्साई भीड़ ने आरोपी के घर को आग के हवाले कर दिया, तो अब पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप जड़े हैं. साथ ही NIA से जांच कराने की मांग उठाई है.
हिंदू युवक मनोहर की निर्मम हत्या से हिमाचल प्रदेश का चंबा सुलग उठा है. हिंदू संगठनों के साथ हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने मुख्य आरोपी के घर को फूंक दिया. साथ ही पुलिस स्टेशन, सड़कों और बाजरों में प्रदर्शन कर आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं. बिगड़ते हालात के मद्देनजर अब जिला प्रशासन ने चंबा के सलूनी में दो महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है. चंबा के भांदल इलाके में हिंदू दलित युवक मनोहर की हुई निर्मम हत्या के बाद हिंदू संगठनों के साथ-साथ स्थानीय लोगों में रोष है. इसको लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. गुरुवार को हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने किहार थाने को घेर लिया और मनोहर के हत्यारों को फांसी देने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाल कर भी अपने गुस्से का इजहार किया.
वहीं, मौके पर चंबा के एसपी अभिषेक यादव भी पहुंचे. लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नही हुआ. गौरतलब है कि पुलिस ने मृतक मनोहर लाल का 8 टुकड़ों में बंधा हुआ शव एक नाले से बरामद किया था. पुलिस की जांच में कहा गया है कि मृतक दलित युवक का अल्पसंख्यक समुदाय की लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था. लड़की के परिजनों पर युवकी की हत्या का आरोप है.
BJP ने की NIA जांच की मांग
बीजेपी ने इस घटना की एनआईए जांच की मांग करते हुए कहा कि इस मामले के मुख्य आरोपी से 1998 के एक आतंकी मामले के सिलसिले में भी पूछताछ की गई थी. विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने युवक की हत्या का हवाला देते हुए कहा, शरीफ़ मोहमद, मुशफिर मोहमद और फरीदा के कहने पर पहले मृतक मनोहर को घर बुलाया जाता है. घर में बहस होती है. डंडे से घायल किया जाता है और बाद में घर के आंगन से बेहोश पड़े मनोहर के आठ टुकड़े कर दिए जाते हैं. शरीर को काटने के लिए आरा मशीन उपयोग में लाई गई. शरीर के आठ टुकड़े कर नाले में पानी में दबा दिए जाते हैं. जूता पानी में बहा और दुर्गंध आई तो घटना का पता चला. आरोपी के तार आतंकियों से जुड़ने की आशंका: ठाकुर
जय राम ठाकुर ने आरोपी के तार आतंकियों से जुड़ने की आशंका जताई और सरकार से सवाल पूछा, नोटबंदी के दौरान आरोपी ने 95 लाख रुपए के नोट बदले और उसके खाते में दो करोड़ रुपए हैं. जबकि आरोपी के पास इतना बड़ा आय का साधन नहीं है. आरोपी के नाम तीन बीघा जमीन है. जबकि कब्जा 100 बीघा पर कर रखा है. दस हज़ार फीट की ऊंचाई के बेहद दुर्गम इलाके में अपना घर बनाया हुआ है और वहीं पर रहता है. 100 भेड़-बकरियां उसके पास है. क्या इसलिए कर दी हत्या?
इतना ही नहीं, चंबा में 1998 में हुए सतरुंडी आंतकी हमले में हुई 35 लोगों की मौत मामले में भी आरोपी के तार जुड़े थे. आरोपी की बहन के साथ मनोहर का मिलना जुलना था. क्या इसलिए इसको मौत के घाट उतार दिया गया? जयराम ठाकुर ने मामले जांच NIA से करवाने की मांग उठाई है ताकि सच सामने आ सके. बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस के स्थानीय प्रभावशाली नेता मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. मामले की जांच को प्रभावित किया जा रहा है.

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