
BJP अपने मुंह फुलाए नेताओं से खूब पेश आती है, भोजपुर में उपजे तनाव से समझिये
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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आरके सिंह और राजीव प्रताप रूडी जैसे नेता अपनी जमीन तलाशने में जुटे हुए हैं, क्योंकि बीजेपी में ये हाशिए पर पहुंचा दिए गए हैं - असल में, बागी हो रहे नेताओं से बीजेपी ऐसे ही पेश आती है.
बीजेपी में बागी नेताओं के साथ ट्रीटमेंट अलग अलग दौर में अलग तरीके से होता रहा है. एक्शन भी होता रहा है, लेकिन बड़े नेताओं पर ऐसा कम ही होता है. जैसे तैसे उनको हाशिए पर डाल दिया जाता है - और किसी को भी हाशिये पर भेज देने का एक आसान और कारगर तरीका होता है, नजरअंदाज कर दिया जाना.
बीजेपी में एक विभाजन रेखा समझी जाती है. 2014 के पहले, और उसके बाद. पहले के उदाहरण देखें तो उमा भारती और कल्याण सिंह जैसे नाम मिल जाएंगे. और, बाद की बात करें तो अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा जैसे नेताओं के नाम मिलते हैं.
2014 में हाशिए पर भेज दिए जाने के लिए एक नया ठिकाना भी बनाया गया था. मार्गदर्शक मंडल. तब मार्गदर्शक मंडल में सबसे सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और शांता कुमार जैसे नेताओं को भेजा गया था. एक फेहरिस्त ऐसे नेताओं की भी रही है, जिनको हटाया या नजरअंदाज तो नहीं किया गया, लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि भरोसा किया जा रहा हो. ऐसे नेताओं में सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे और शिवराज सिंह चौहान के नाम भी मिलते हैं.
बिहार में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं, और नए दौर में कुछ नए नाम उभर कर सामने आए हैं. मसलन, आरके सिंह और राजीव प्रताप रूडी - देखा तो यही गया है कि जैसे ही बीजेपी को कुछ इधर उधर महसूस होता है, नेतृत्व ऐसे नेताओं की तरफ से मुंह मोड़ लेता है, और धीरे धीरे वे भी अपना अलग रास्ता खोजने लगते हैं.
आरके सिंह
नौकरशाही से राजनीति में आए राजकुमार सिंह अक्सर आरके सिंह के रूप में जाने जाते हैं. वो केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. आरके सिंह को पहले बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा रोक देने के लिए जाना जाता था. जब तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव ने गिरफ्तारी के आदेश दिए थे. और, सेवा से अवकाश लेने के बाद आरके सिंह बीजेपी के हो गए, चुनाव जीतकर संसद पहुंचे, और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में मंत्री भी बन गए. आरा लोकसभा सीट से ही वो 2024 का चुनाव सीपीआई-एमएल के सुदामा प्रसाद से हार गए - और अब बिहार सरकार में बीजेपी मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवाल उठा रहे हैं.

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