
Begusarai Seat: राहुल गांधी ने जहां पोखर में कूद पकड़ी थी मछली, उस सीट पर 31 हजार वोट से हारी उम्मीदवार
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बेगूसराय विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा. राहुल गांधी ने मुकेश सहनी के साथ चुनावी सभा की और पोखर में मछली पकड़ने का अनोखा प्रचार किया. बावजूद इसके कांग्रेस उम्मीदवार अमिता भूषण करीब 31,000 वोटों के अंतर से बीजेपी के कुंदन कुमार से हार गईं. इस नतीजे ने साबित किया कि हाई-प्रोफ़ाइल प्रचार भी बेगूसराय में मतदाताओं के रुख को बदलने में सफल नहीं हो सका.
बिहार के बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को करारा झटका लगा है. यहां चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने मुकेश सहनी के साथ सभा की थी और पोखर में उतरकर मछली पकड़ने का अनोखा अंदाज़ भी दिखाया था. बावजूद इसके कांग्रेस उम्मीदवार अमिता भूषण मतदाताओं को आकर्षित करने में नाकाम रहीं और करीब 31,000 वोटों के अंतर से बीजेपी प्रत्याशी कुंदन कुमार से चुनाव हार गईं. इस नतीजे ने साफ कर दिया कि हाई-प्रोफ़ाइल प्रचार भी बेगूसराय की राजनीतिक हवा नहीं बदल सका.
बेगूसराय विधानसभा सीट को बिहार का औद्योगिक और वित्तीय केंद्र माना जाता है. जिला मुख्यालय के साथ-साथ विधान सभा क्षेत्र भी है. 1951 में स्थापित इस सीट में बड़ा औद्योगिक क्षेत्र शामिल है, जिसमें बरौनी स्थित थर्मल पावर प्लांट और हिंदुस्तान फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड जैसी उर्वरक कंपनियां शामिल हैं.
इस चुनाव में बीजेपी ने फूलवारी विधानसभा सीट से कुंदन कुमार को उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस ने अमिता भूषण को मैदान में उतारा. जन सुराज पार्टी ने सुरेंद्र कुमार सहाय को टिकट दिया. मतदान 6 नवंबर को हुआ.
काफी समृद्ध है बेगूसराय का राजनीतिक इतिहास कुंदन कुमार ने 119000 से अधिक वोट पाए, वहीं कांग्रेस की अमिता भूषण 88,000 से अधिक वोटों पर सिमट गईं. बेगूसराय का राजनीतिक इतिहास भी काफी समृद्ध है. 1970 और 1980 के दशक में यह सीट कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) का गढ़ मानी जाती थी.
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