
Air Pollution से जंग जीत चुके दुनिया के इन 7 शहरों से क्या सीख सकती है दिल्ली?
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Delhi pollution: दमघोंटू हवा, यमुना नदी के पानी में जहरीला सफेद फोम और अमोनिया की बहुलता वाला नदी का पानी... दिल्ली जैसे बड़े शहरों की समस्याएं भी बड़ी हैं. लेकिन क्या हम इन हालातों से निपट सकते हैं? हां... लेकिन अगर ये संभव है तो कैसे? जानने के लिए हमें देखना होगा दुनिया के उन शहरों के तौर-तरीकों को जिन्होंने प्रदूषण से जंग जीतकर दिखाया.
भारत में सबसे गंभीर हालात अभी Air Pollution को लेकर कहीं है तो वो दिल्ली में है. देश की राजधानी दिल्ली दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है. यानी दिल्लीवालों की सांसों पर सबसे बड़ा खतरा है. Air Quality Index सुधर नहीं रहा, अस्पतालों में सांस की तकलीफ, लंग्स और स्किन से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. हालात को देखते हुए शहर में स्कूल-कॉलेज बंद किए जा चुके हैं, कंस्ट्रक्शन के काम पर रोक है, गैस आधारित उद्योगों को छोड़कर बाकी इंडस्ट्री पर बैन लग चुका है, शहर में ट्रकों की एंट्री बंद हो चुकी है. हालात और बिगड़े तो गाड़ियों के ऑड-ईवन के नियम को भी फिर से लाने की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं. लेकिन इन तात्कालिक कदमों को छोड़ दें तो सरकारों और पर्यावरण एजेंसियों के पास इस हालात से निपटने का कोई स्थायी और ठोस प्लान दिख नहीं रहा.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.








