
Ahoi Ashtami 2025: संतान की लंबी उम्र के लिए आज अहोई अष्टमी पर करें ये उपाय, बरसेगी माता की कृपा
AajTak
Ahoi Ashtami upay 2025: आज अहोई अमावस्या का व्रत रखा जा रहा है. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से संतान की दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है. आज के दिन अहोई माता की पूजा के अलावा कुछ उपायों को करने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है.
अहोई अष्टमी का व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस दिन माताएं अपने बच्चों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए व्रत रखती हैं. आज के दिन निर्जला उपवास किया जाता है, इसलिए इसे कठिन व्रतों में गिना जाता है. अहोई अष्टमी का व्रत सुबह सूर्योदय से शुरू होता है और संध्या के समय पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है. इस व्रत के दौरान अहोई माता की कथा सुनने और उनका ध्यान करने के अलावा कुछ उपायों को करने से अहोई माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
कढ़ी-चावल का भोग और दान
अहोई माता को कढ़ी-चावल का भोग लगाना बेहद शुभ माना गया है. इसका कारण यह है कि कढ़ी-चावल एक सात्विक और पवित्र भोजन है. व्रत के पारण से पहले गरीबों या जरूरतमंद बच्चों को कढ़ी-चावल दान करना चाहिए. इस दान से संतान की आयु वृद्धि और घर में समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.
सात अनाज का चढ़ावा चढ़ाना
अहोई माता की पूजा में सात अनाजों का चढ़ावा देने की परंपरा है. इन सात अनाजों में गेहूं, चावल, चना, मूंग, जौ, उड़द, तिल शामिल होते हैं. इन्हें माता के आगे रखकर सुख-समृद्धि और संतान की सुरक्षा की प्रार्थना की जाती है. पूजा के बाद ये अनाज गौशाला, मंदिर या जरूरतमंदों को दान करना शुभ होता है.
सिंघाड़े का भोग और दान

Aaj 17 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 17 मार्च 2026, दिन- मंगलवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी तिथि सुबह 09.23 बजे तक फिर चतुर्दशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.06 बजे से दोपहर 12.54 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 3.30 बजे से शाम 5 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.












