
Agenda Aaj Tak 2022: देश की तीनों सेनाओं में हो सकती हैं एक जैसी रैंक! नेवी चीफ ने दिया बड़े बदलावों का संकेत
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भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने कहा कि तीनों सेनाओं के रैंक्स एक जैसे होने चाहिए. एक नाम के साथ. कॉमन ट्राई सर्विस रैंक. इसके लिए पुराने नियमों को बदलने की जरुरत है. साथ ही कहा कि साल 2047 तक भारतीय नौसेना पूरा तरह से आत्मनिर्भर हो जाएगी. हम किसी भी दुश्मन को कभी भी करारा जवाब दे सकते हैं.
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने कहा कि हम कुछ रैंक्स खत्म करना चाहते हैं. ये भी चाहते हैं कि तीनों सेनाओं के रैंक्स एक जैसे हों. इस पर सोच-विचार हो रहा है. देखिए हमारे यहां कई रैंक ऐसे हैं, जो अच्छे नहीं लगते. उन्हें बदलने की जरुरत है. जैसे पिटी ऑफिसर. सीनियर पिटी ऑफिसर. इन्हें कुछ अच्छा नाम देने की जरुरत है. पुराने नियमों को बदलने की जरुरत है. हमारा विचार है कि एक कॉमन ट्राई सर्विस रैंक होनी चाहिए.
नौसेना प्रमुख ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि हम गुलामी की मानसिकता से बाहर निकले. इसलिए INS Vikrant की कमीशनिंग के दिन नौसेना का नया ध्वज लाए. नेवी डे के दिन नया प्रेसिडेंट कलर और क्रस्ट लाए हैं. हम एक टीम बना कर यह जांच रहे हैं कि क्या-क्या ऐसी प्रैक्टिसेस हैं जो पुराने टाइम के है. जो अभी रेलेवेंट नहीं हैं. नौसेनाएं कई सदियों में इवॉल्व हुई हैं. हम कई काम उस समय के अब तक प्रैक्टिस कर रहे हैं. ऐसे कार्यों की लिस्ट बनाई जा रही है. क्योंकि अब उनकी कोई वैल्यू नहीं हैं. पुराने नियमों को बदलने की जरुरत है.
भारत के लिए समुद्र में सबसे बड़ा खतरा क्या है? इस बात पर भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने बताया कि हमारी एक मैरीटाइम हिस्ट्री है. हमारे तीनों तरफ सागर है. ऐतिहासिक तौर पर हम किसी न किसी पर डिपेंड होते आए हैं. मौर्या, गुप्ता और चोला साम्राज्य ये बात हाइलाइट करता है. तीनों साम्राज्यों में व्यवसाय, संस्कृति आगे बढ़ी. चोला साम्राज्य के समय मैरीटाइम ट्रेड ग्रो किया. सभी ताकतवर देश मैरीटाइम पावर हैं. नौसैनिक शक्ति और समुद्री व्यापार जरूरी है. 90 फीसदी ट्रेड समुद्री रास्ते से करते हैं. मैरीटाइम ट्रांसपोर्टेशन सबसे एफिशिंएट है. समुद्री रास्ते से ट्रांसपोर्ट आसान है.
नेवी और व्यापारिक मुद्दे को लेकर हमेशा रहती है चर्चा
ये चर्चा का विषय है कि ट्रेड फॉलो फ्लैग या फ्लैग फॉलो ट्रेड. जब आपके पास कोई ट्रेड नहीं है तब नेवी की जरुरत क्या है. 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनने में भारतीय नौसेना पूरी मदद करेगी. तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर सेनाएं स्वदेशी हथियार और उपकरण खरीदें तो उसी हम बड़ा योगदान देंगे. 2047 में हम आजादी का 100 साल मनाएंगे. नौसेना को ये वादा किया है कि तब देश डेवलप कंट्री कहलाएगा. उस समय नौसेना पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगी. एडमिरल ने कहा कि तब तक हमारे शिप्स, सबमरीन, एयरक्राफ्ट, नेटवर्क, स्विचेस सब देश में बनेंगे. नौसेना काफी पहले से स्वदेशी के रास्ते पर चल रही है. 1961 में INS Ajay पहला स्वदेशी पेट्रोल बोट बनाया गया था. उसके बाद से लगातार बनाते जा रहे हैं. क्षमता बढ़ रही है. इसे आगे बढ़ाएंगे.
नौसेना में कहां कितना स्वदेशीपन?

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