
99% लोग स्मार्टफोन पर गलत टेम्पर्ड ग्लास लगा रहे हैं! आपकी स्क्रीन कभी भी टूट सकती है
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स्मार्टफोन खरीदने के बाद लोग पहला काम टेंपर्ड ग्लास लगाने का ही करते हैं. कवर का नंबर दूसरा है. क्योंकि स्क्रीन सबसे ज्यादा फ्रेजाइल होती है. लेकिन कई बार गलत टेंपर्ड लगाने से मामला उल्टा पड़ सकता है. टेंपर्ड ग्लास तो बच जाएगा, लेकिन स्क्रीन ही टूट जाएगी. इससे बचने के लिए क्या करें? आइए जानते हैं.
आज हर किसी के स्मार्टफोन पर टेम्पर्ड ग्लास लगा होता है. हम सोचते हैं कि ये स्क्रीन को टूटने से बचा लेगा, लेकिन सच यह है कि हर टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन को पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख पाता. कई बार फोन गिरने पर टेम्पर्ड तो टूट जाता है, पर स्क्रीन बच जाती है. आज इस Buying Guide में बताएंगे कि आप एक सही टेंपर्ड ग्लास का सेलेक्शन कैसे कर सकते हैं.
कई बार ऐसा भी होता है कि टेम्पर्ड बिल्कुल नहीं टूटता और असली स्क्रीन में क्रैक आ जाता है. यानी जिस चीज पर हम भरोसा करते हैं, वही कभी-कभी फोन को नुकसान पहुंचा देती है.
टेम्पर्ड ग्लास को इस तरह बनाया जाता है कि गिरने पर ज़ोर का झटका पहले उसे लगे. यही वजह है कि वह खुद टूटकर फोन की स्क्रीन को झटका महसूस नहीं होने देता. लेकिन यह तभी काम करता है जब ग्लास की क्वालिटी, उसकी फिटिंग और ग्लू वाला पार्ट सही हो.
ज्यादातर लोग ये सोचते हैं कि टेंपर्ड अगर नहीं टूट रहा है तो वो अच्छा है. मार्केट में भी दुकानदार आपको हथौड़ी से टेंपर्ड तोड़ कर दिखाते हैं और बतातें कि ये इतना मजबूत है कि टूटता ही नहीं. लेकिन ये सबसे बड़ी गलती हो सकती है. अगर टेंपर्ड टूटेगा ही नहीं तो फिर आपका भारी नुकसान हो सकता है.
अगर टेम्पर्ड ठीक से चिपका नहीं है या उसके किनारों पर गैप है तो झटका सीधा स्क्रीन तक पहुंच सकता है. कई बार इंस्टॉलेशन गलत होने पर छोटे-छोटे बबल भी फोन को गिरने पर नुकसान पहुंचा देते हैं.
सबसे बड़ी दिक्कत तब आती है जब लोग सस्ता, कमजोर या फिर गलत फिटिंग वाला ग्लास खरीद लेते हैं. कुछ ग्लास सिर्फ किनारों से चिपकते हैं, बीच में हवा रहती है. दिखने में सब सही लगता है, लेकिन गिरने पर पूरी ताकत फोन की स्क्रीन पर चली जाती है. खासकर उन फोन्स में जिनकी स्क्रीन थोड़ी कर्व्ड होती है. वहां साधारण ग्लास ठीक से फिट ही नहीं होता.

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