
9वीं मंजिल पर कैफे, चाय का ऑर्डर और 20 मिनट... 28 साल की फिजियोथेरेपिस्ट ने क्यों की खुदकुशी?
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ये घटना गुजरात के सूरत शहर की है. यहां 28 साल की फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर राधिका की जनवरी में सगाई और शादी थी. लेकिन इससे पहले राधिका ने एक बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी. आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने एक डॉक्टर, एक आत्मनिर्भर बेटी की जिंदगी एक झटके में उजाड़ दी?
गुजरात के सूरत में 28 साल की फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर राधिका की खुदकुशी ने परिजनों को सदमे में डाल दिया है. दो महीने बाद राधिका की सगाई और शादी एक साथ होने वाली थी, परिवार तैयारियों में जुटा था, और राधिका भी बेहद उत्साहित थी. लेकिन 21 नवंबर की शाम कुछ ऐसा हुआ, जिसने एक खुशहाल जिंदगी को अचानक खत्म कर दिया.
राधिका ने सूरत के सरथाना इलाके में स्थित बिजनेस हब की 9वीं मंजिल पर बने चाय कैफे से छलांग लगा दी. चंद सेकंड में राधिका की जान चली गई. सवाल ये है कि एक शिक्षित, आत्मनिर्भर और अपने भविष्य को लेकर उत्साहित लड़की ने ऐसा कदम आखिर क्यों उठा लिया?
दरअसल, 21 नवंबर की शाम करीब 8 बजे राधिका अकेले चाय पार्टनर कैफे पहुंची. कैफ़े के कर्मचारी कोबिद अली के मुताबिक, उन्होंने चाय का ऑर्डर दिया, फिर पानी की बोतल और ग्लास मंगवाया. वह लगभग 20 मिनट तक बिल्कुल सामान्य दिखी. फोन पर बात करती रही, कहीं कोई घबराहट या बेचैनी जाहिर नहीं हो रही थी.
जैसे ही कर्मचारी किचन गया, राधिका अचानक कुर्सी से उठी, रेलिंग पर चढ़ी और बिना एक पल थमे सीधे नीचे कूद गई. तेज आवाज सुनकर कैफे और आसपास मौजूद लोग मौके पर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. राधिका को सिर सहित शरीर में गंभीर चोटें आईं और उनकी वहीं मौत हो गई.
राधिका जामनगर के मोती भेगड़ी गांव की रहने वाली थी. इस समय सूरत के सरथाना इलाके में अपने परिवार के साथ रहती थी.डॉ. राधिका के पिता डायमंड फैक्ट्री में वर्कर हैं. राधिका ने कड़ी मेहनत से फिजियोथेरेपी सीखी और सरथाना-जकातनाका में अपना श्रीजी फिजियो क्लिनिक संचालित करती थी.

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