
'400 पार' के दावे के सामने राहुल का 30 लाख नौकरी का वादा... नैया पार लगाएगा रोजी-रोटी वाला चुनावी दांव?
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राहुल गांधी इस वक्त लोकसभा चुनाव में खाली पदों को भरने, पेपर लीक रोकने वाला कानून लाने का वादा गारंटी के साथ कर रहे हैं. लेकिन उन्हीं की पार्टी के गठबंधन वाली झारखंड सरकार में साढ़े तीन पद खाली हैं और बेरोजगार प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं यूपी में भी बेरोजगार लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
लोकसभा चुनाव के ऐलान में अब जब तकरीबन सात आठ दिन का ही वक्त बचा है, ऐसे में बीजेपी-कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियां और तेज कर दी है. एक तरफ बीजेपी का नारा है- 400 पार सीट का और मोदी की गारंटी. पीएम मोदी कह चुके हैं कि 'जब सभी से उम्मीद खत्म हो जाती है, तब 'मोदी की गारंटी' शुरू होती है. वहीं अब कांग्रेस की तरफ से आज 400 पार के सामने 30 लाख नौकरी देने का वादा है.
देश में नौकरी को लेकर नौजवान विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन कर रहे हैं. जयपुर से लेकर लखनऊ और रांची हर जगह बेरोजगार युवा प्रदर्शन करते-करते थक गए हैं. कभी नौकरी नहीं निकलती है, कहीं नौकरी निकलती है तो पेपर लीक हो जाता है और कहीं भर्ती निकालकर रद्द कर दी जा रही है. ऐसे में अब कांग्रेस ने बेरोजगारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए 30 लाख खाली पद भरने की गारंटी दी है.
राहुल गांधी की चुनावी गारंटी
राहुल गांधी ने 30 लाख खाली पद भरने की गारंटी, ग्रेजुएट को एक साल ट्रेनिंग भत्ते की गारंटी, अस्थाई कर्मचारियों-गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, पेपर लीक रोकने वाला कानून देने की गारंटी और हर जिले में गरीबों को काम की शुरुआत के लिए 5000 करोड़ के फंड का वादा किया है. राहुल ने कहा, 'नरेंद्र मोदी जी कहते हैं पकौड़े बेचो, नौकरी सबसे जरूरी मुद्दा है देश का. हिंदुस्तान में तीस लाख सरकारी वैकेंसी हैं. तीस लाख. मोदी जी इनको भरवाते नहीं हैं. सरकार में आने के बाद हमारा पहला काम होगा कि नब्बे परसेंट को तीस लाख सरकारी नौकरी दे देंगे.'
राहुल के आंकड़े पर सवाल वहीं केंद्र सरकार की बात करें तो वह जो आंकड़ा सेंटर में 2022 तक खाली पदों का देती है वो 9 लाख 64 हजार के करीब है. अब तीस लाख का आंकड़ा अब कहां से आया ये कांग्रेस बता सकती है. लेकिन 30 लाख खाली पदों को भर्ती भरोसे के नाम पर तुरंत भरने के वादे से राहुल गांधी ने करीब 25 करोड़ युवाओं पर अपनी राजनीति केंद्रित की है. आधार ये है कि 2014 से 2021-22 के बीच बाइस करोड़ युवाओं ने जरूर अकेले केंद्र की नौकरी के लिए फॉर्म भरा. जिसमें से एक फीसदी से कम को ही केंद्र में सरकारी नौकरी मिल पाई और अनुमान है कि हर साल तीन करोड़ युवा सरकारी नौकरियों में बैठते हैं.
खाली पदों को तुरंत भरने की कोशिश में प्रधानमंत्री खुद भी लगे हैं. जो मिशन मोड में पिछले 18 महीने में करीब 8 लाख पदों के लिए नियुक्ति पत्र बांट चुके हैं. इस दावे के साथ कि अब भर्ती और नियुक्ति पत्र के बीच पहले की तरह रिश्वतखोरी नहीं चलती. पीएम मोदी ने कहा था, 'पहले की सरकारों में विज्ञापन जारी होने से नियुक्ति पत्र देने तक बहुत लंबा समय लगता था, इस देरी का फायदा उठाकर उस दौरान रिश्वता का खेल जमकर होता था, हमने भर्ती की प्रक्रिया को अब पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है.'

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