
3.16 एकड़ जमीन, 3 एक्टिविस्ट और हाईकोर्ट का फैसला... MUDA स्कैम में ऐसे फंस गए कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. MUDA स्कैम की जांच वाले गवर्नर के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच की जरूरत है. ऐसे में समझते हैं कि ये MUDA स्कैम क्या है? और सिद्धारमैया कैसे इसमें फंस गए?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया फंसते नजर आ रहे हैं. कर्नाटक हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दे दी है. इसके बाद सिद्धारमैया के खिलाफ मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) स्कैम मामले में केस चलाया जा सकता है.
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ MUDA स्कैम में केस चलाने को मंजूरी दी थी. सिद्धारमैया ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. राज्यपाल के आदेश संवैधानिकता को सिद्धारमैया ने इस आधार पर चुनौती दी थी कि उन्होंने राज्यपाल की मंजूरी के बिना जांच को मंजूरी दी थी.
हालांकि, कर्नाटक हाईकोर्ट ने सिद्धारमैया के इस तर्क को खारिज कर दिया कि मामले की जांच की जाने की जरूरत है.
ये MUDA स्कैम क्या है? सीएम सिद्धारमैया इस मामले में कैसे फंस गए? और अब आगे क्या होगा? जानते हैं...
3 एक्टिविस्ट की शिकायत पर कार्रवाई
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया लंबे समय से MUDA स्कैम के आरोपों का सामना कर रहे थे. लेकिन केस चलाने की ये कार्रवाई तीन एक्टिविस्ट की शिकायत पर हुई.

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