
'3 लाख वैकेंसी, फिर भी नहीं दे रहे नौकरी', अपनी ही सरकार पर भड़के झारखंड के विधायक
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लोबिन हेंब्रम झारखंड मुक्ति मोर्चा के सीनियर लीडर हैं और झारखंड मुक्ति मोर्चा के फाउंडर नेताओं में से एक हैं. पूर्व में बने झारखंड मुक्ति मोर्चा की 14 महीने की सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री भी रह चुके हैं. उन्होंने कहा दल ने अपने घोषणा पत्र में पांच लाख युवाओं को प्रतिवर्ष सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, जो अब तक खोखला ही साबित हुआ है.
झारखंड की सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक लोबिन हेंब्रम ने फिर एक बार अपने ही सरकार एवं मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हेमंत सोरेन सरकार के लगभग 4 साल पूरे होने को है ऐसे में चुनावी वादे की याद दिलाते हुए उन्हीं के दल के विधायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर वादा खिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है. लोबिन हेंब्रम आरोप लगाते हुए कहा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने घोषणा पत्र में पांच लाख युवाओं को प्रतिवर्ष सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, जो अब तक खोखला ही साबित हुआ है. हकीकत ये है की सरकार में अलग अलग लेवल पे लगभग तीन लाख से ज्यादा रिक्त पद हैं जिन पर नियुक्ति के लिए इस्तेहार नहीं निकाले जा रहे हैं.
सीएम हेमंत सोरेन पर लगाया फ्री का क्रेडिट लेने का आरोप हेंब्रम ने कहा कि नियुक्ति पत्र बांटने का जो बड़े-बड़े विज्ञापन अखबारों में हेमंत सोरेन सरकार के द्वारा प्रकाशित कराए जा रहे हैं, दरअसल वह रघुवर दास सरकार के समय नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की गई थी, कोर्ट के आदेश पर हेमंत सोरेन ने उन नियुक्ति के आदेशों को अब जाकर अपना उपलब्धि बताकर नियुक्ति पत्र बांट रहे हैं.
उनका आरोप है कि आदिवासियों की सरकार में आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया गया है. युवाओं को रोजगार देने की बात हो या फिर स्थानीय नीति लागू करने की बात हो हेमंत सोरेन सरकार ने आदिवासियों को जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं, निराश किया है.
'आदिवासियों के साथ धोखा, सीएम ने वादे पूरे नहीं किए' विधायक लोबिन हेंब्रम इतने में ही नहीं रुके उन्होंने कहा कि अर्जुन मुंडा की सरकार हेमंत सोरेन ने स्थानीय नीति लागू नहीं करने पर 2013 में गिरा दी थी, इसके बाद खुद 14 महीने सरकार में रहे लेकिन स्थानीय नीति हेमंत सोरेन ने लागू नहीं किया. अब जबकि दूसरे टर्म में सरकार 4 साल पूरी करने को है हेमंत सोरेन अभी भी स्थानीय नीति लागू नहीं कर पाए हैं. हेमंत सोरेन सरकार को आदिवासियों के साथ धोखा बताते हुए कहा कि जितने भी चुनावी वादे झारखंड मुक्ति मोर्चा ने किए थे, उसमें से एक भी वादे हेमंत सोरेन सरकार ने पूरे नहीं किए हैं.
कौन हैं लोबिन हेंब्रम? लोबिन हेंब्रम झारखंड मुक्ति मोर्चा के सीनियर लीडर हैं और झारखंड मुक्ति मोर्चा के फाउंडर नेताओं में से एक हैं. पूर्व में बने झारखंड मुक्ति मोर्चा की 14 महीने की सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री भी रह चुके हैं. 1990 में झामुमो से टिकट मिलने पर विधायक बने. फिर 1995 झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उन्हें पार्टी का टिकट नहीं दिया. वे निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे और दोबारा विधायक बने. तब से एक मौके को छोड़ लगातार विधायक रहे हैं वर्तमान में विधायक हैं.
लोबिन हेंब्रम का कहना है कि मैं गुरुजी का सच्चा सिपाही हूं. 53 संगठनों को मिलाकर झारखंड बचाओ मोर्चा का गठन हुआ है, मैं पार्टी के विरोध में नहीं बोलता हूं, जो चुनाव के दौरान झामुमो का चुनावी वादा था, उसी को लेकर मैं सरकार को आईना दिखा रहा हूं. झारखंड के लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्य में पलायन कर रहे हैं. हेमंत का वादा पूरा नहीं हुआ . हेमंत सोरेन को झारखंड की जनता आने वाले समय में आईना दिखाएगी.

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