
251 रुपये में स्मार्टफोन, देश भर ने कैसे इस झूठ को माना सच, Scam 251 की Inside Story
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Freedom 251 scam: अगर आपसे एक फोन खरीदने के लिए कहा जाए, तो सबसे पहला सवाल आता है बजट का. क्या हो अगर ऐसे बजट में आपको फोन मिल जाए, जिसकी कभी कल्पना ही नहीं की गई हो. ऐसा एक फोन लेकर साल 2016 में Ringing Bells कंपनी आई थी. फोन की कीमत थी 251 रुपये और इस झूठे फोन की देश ही नहीं दुनियाभर में भी चर्चा हुई.
18 फरवरी 2016 वो तारीख जब लोगों को लगा कि 251 रुपये में बहुत कुछ खरीदा जा सकता है. एक कंपनी जो ऐसा ख्वाब लेकर आई थी, जिसकी अब तक सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है. लेकिन पहली बार लोगों को लगा कि 251 रुपये में क्या नहीं मिल सकता है. आप से आज पूछा जाए कि 250 रुपये में क्या मिलता है? तो क्या जवाब देंगे?
वैसे तो इतनी कीमत में बहुत कुछ मिलेगा लेकिन एक स्मार्टफोन तो नहीं मिल सकता है. कुछ साल पहले एक कंपनी ने ऐसा ही कुछ ऐलान किया था. शायद इन लाइन्स को पढ़कर आपके दिमाग में उस कंपनी और फोन की यादें ताजा होने लगी हों. हम बात कर रहे हैं Freedom 251 की. एक ऐसा स्मार्टफोन जिसकी कीमत 251 रुपये थी.
Ringing Bells प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी ने इस स्मार्टफोन का ऐलान किया था. साल 2016 की शुरुआत में कंपनी ने एक ऐसे स्मार्टफोन का ऐलान किया, जिसकी सिर्फ कल्पना की जा सकती थी और ये स्मार्टफोन अब तक सिर्फ कल्पना ही बना हुआ है. कंपनी ने ऐलान किया कि वह 251 रुपये में एक स्मार्टफोन लेकर आ रहे हैं.
वैसे तो 2016 में महंगाई आज जितनी नहीं थी, लेकिन इतनी कम भी नहीं थी कि एक स्मार्टफोन 251 रुपये में आ जाए. कंपनी ने जब इस स्मार्टफोन का ऐलान किया, तो उन्हें काफी ज्यादा हाइप मिला. हाइप के साथ ही लोगों की नजर इस ब्रांड पर भी गई. कंपनी 18 फरवरी को अपने स्मार्टफोन को पेश किया था. इसकी चर्चाएं इस कदर थी कि भारत ही नहीं बल्कि विदेशी मीडिया में भी इस फोन की बात हो रही थी.
कंपनी ने ऐलान किया था कि 251 रुपये उसका प्रमोशनल प्राइस है जो 18 फरवरी से 21 फरवरी तक के लिए ही है. इसके लिए बहुत से यूजर ने ऑनलाइन बुकिंग करनी थी. फोन को बुक करने के लिए पहले दिन इतने लोग इसकी वेबसाइट पर पहुंचे कि वो क्रैश हो गई. शायद कंपनी को भी इसका अंदाजा नहीं था कि उन्होंने कितना बड़ा वादा कर दिया है.
कंपनी ने इस फोन का रेगुलर प्राइस 500 रुपये बताया था, जो उस वक्त के हिसाब से कोई ज्यादा नहीं था. ऐसे दौर में जब एक फीचर फोन के लिए 1000 रुपये खर्च करने पड़ते हों. वहां कैमरा, टच स्क्रीन और एंड्रॉयड जैसे फीचर्स के साथ 500 रुपये में एक स्मार्टफोन का मिलना किसी लॉटरी की तरह ही था.

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