
2024 के विधानसभा चुनावों को लेकर देश का मिजाज क्या कह रहा है?
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अभी हरियाणा विधानसभा चुनाव की ही घोषणा हुई है, लेकिन महाराष्ट्र और झारखंड में भी तैयारी उतनी ही तत्परता से चल रही है, क्योंकि दोनो राज्यों में चुनाव 2024 में ही होने हैं. MOTN सर्वे में तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बारे में जनता की राय तो सामने आ चुकी है - क्या वोटिंग पैटर्न भी वही रहने वाला है?
आज तक/इंडिया टुडे का मूड ऑफ द नेशन सर्वे तो हरियाणा और महाराष्ट्र को लेकर अलग ही इशारे कर रहा है. सर्वे की मानें तो हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के नतीजे लोकसभा के रिजल्ट से बिलकुल अलग भी हो सकते हैं - और झारखंड में भी हेमंत सोरेन के प्रयोगों का रिजल्ट उम्मीदों से अलग हो सकता है.
लोकसभा चुनाव के हिसाब से देखें तो हरियाणा और महाराष्ट्र को लेकर आये आज तक के मूड ऑफ द नेशन सर्वे के नतीजे अलग ही इशारे कर रहे हैं. हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस दोनो का प्रदर्शन बराबरी पर छूटा था. दोनो को 5-5 सीटें मिली थीं, जबकि महाराष्ट्र में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतरीन रहा.
झारखंड की राजनीति जहां चंपाई सोरेन की बगावत से हड़कंप मचा हुआ है, महाराष्ट्र में INDIA ब्लॉक में मुख्यमंत्री पद पर अलग ही पेच फंसा हुआ है. उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि महाविकास आघाड़ी में मुख्यमंत्री पद का चेहरा पहले ही तय हो जाये. सोनिया गांधी और शरद पवार की तरफ से भाव न मिलने पर अब कह रहे हैं कि भले ही मुख्यमंत्री फेस की घोषणा न हो, लेकिन तय तो कर लिया जाये. ध्यान रहे, मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर ही उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से गठबंधन तोड़ लिया था. अगर संभले नहीं, तो उद्धव ठाकरे की ये मुहिम तो बीजेपी के पक्ष में ही जाएगी.
अगर तीनो मुख्यमंत्रियों के बारे में लोगों की राय देखें तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही सबसे आगे खड़े होते हैं, लेकिन तमाम कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा के बावजूद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शासन में एकनाथ शिंदे की तुलना में कम ही लोगों ने संतोष जताया है.
हरियाणा में बड़े उलटफेर की संभावना लगती है
हरियाणा में बीजेपी ने जो सोच कर मुख्यमंत्री बदला था, लगता नहीं कि उतने भर से ही काम बनने वाला है. मनोहरलाल खट्टर को हटाये जाने से पंजाबी तबका नाराज न हो, इसलिए उनको लोकसभा चुनाव जीतने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया.

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