
'1984 के सिख विरोधी दंगों के चश्मदीदों ने जगदीश टाइटलर को भीड़ को उकसाते हुए देखा था', कोर्ट में बोली CBI
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टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने पर सीबीआई ने अपनी दलीलें पूरी कर लीं. वहीं टाइटलर के वकील द्वारा दलीलें आगे बढ़ाने के लिए समय मांगे जाने के बाद न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को तय की.
सीबीआई ने मंगलवार को दिल्ली की कोर्ट में दावा किया कि चश्मदीदों ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को भीड़ को उकसाते हुए देखा था. इसके कारण ही राष्ट्रीय राजधानी के पुल बंगश इलाके में तीन लोगों की हत्या हो गई थी. सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश राकेश सयाल के समक्ष यह दावा किया और कोर्ट से मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने का आग्रह किया.
पीटीआई के मुताबिक सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं. ऐसे चश्मदीद गवाह हैं जिन्होंने उसे 1984 के दंगों के दौरान भीड़ को उकसाते हुए देखा था.
टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने पर सीबीआई ने अपनी दलीलें पूरी कर लीं. वहीं टाइटलर के वकील द्वारा दलीलें आगे बढ़ाने के लिए समय मांगे जाने के बाद न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को तय की.
बता दें कि एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 11 सितंबर, 2023 को मामले को आगे की कार्यवाही के लिए जिला न्यायाधीश के पास भेज दिया था. सेशन कोर्ट ने पहले टाइटलर को अग्रिम जमानत दे दी थी. उन्हें राहत देते हुए, उन पर कुछ शर्तें लगाई गईं, जिनमें यह भी शामिल था कि वह मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे या अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे.
गौरतलब है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के एक दिन बाद 1 नवंबर, 1984 को पुल बंगश में तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी और एक गुरुद्वारे में आग लगा दी गई थी. इस मामले में टाइटलर पर भीड़ को भड़काने का आरोप लगा था.

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