
1947 का UPSC एग्जाम पेपर हुआ वायरल, सवाल देख कर रह जाएंगे दंग!
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इंस्टाग्राम पेज @simplified पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 1947 का यूपीएससी पेपर कैसा होता था. वीडियो में दिखाया गया है कि उस दौर में यूपीएससी पेपर में सिर्फ 15 सवाल पूछे जाते थे. सवाल सुनकर आज का कोई भी उम्मीदवार हैरान रह जाएगा.
देश में अगर सबसे मुश्किल परीक्षाओं की बात की जाए तो यूपीएससी (UPSC) का नाम सबसे ऊपर आता है. हर साल लाखों युवा इस परीक्षा पर अपनी किस्मत आजमाते हैं. कई-कई सालों तक कोशिश करते हैं, घंटों पढ़ाई करते हैं, संघर्ष करते हैं, लेकिन इसके बावजूद किस्मत कुछ चुनिंदा लोगों का ही साथ देती है. दुनिया की टॉप 3 सबसे मुश्किल परीक्षाओं में शुमार यूपीएससी का रिजल्ट सिर्फ 0.1% से 0.2% तक ही होता है. हर साल करीब 10 से 12 लाख उम्मीदवार आवेदन करते हैं और अंत में सिर्फ 700 से 1000 लोग ही चुने जाते हैं.
यूपीएससी की सबसे बड़ी खासियत है इसका व्यापक सिलेबस, करेंट अफेयर्स की गहरी पकड़ और पर्सनैलिटी टेस्ट का अनोखा कॉम्बिनेशन. लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर इस एग्जाम से जुड़ा एक पुराना किस्सा चर्चा में है. इंस्टाग्राम पेज @simplified पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 1947 का यूपीएससी पेपर कैसा होता था.
1947 में ऐसे थे यूपीएससी के सवाल?
वीडियो में दिखाया गया है कि उस दौर में यूपीएससी पेपर में सिर्फ 15 सवाल पूछे जाते थे. सवाल सुनकर आज का कोई भी उम्मीदवार हैरान रह जाएगा. उदाहरण के लिए —
-बीबीसी का फुल फॉर्म क्या है?
-भारत के चीन में एंबेसडर कौन हैं?

चीनी मार्केट की शक्ल लगभग दो साल बाद बदल गई है. 2024 में BYD ने फॉक्सवैगन को पीछे छोड़ा था और 2025 में भी कंपनी चीनी मार्केट की टॉप कार सेलिंग ब्रांड बनी रही. हालांकि, 2026 की शुरुआत कुछ अलग हुई है. फॉक्सवैगन दोबारा चीनी मार्केट में टॉप सेलिंग ब्रांड बन गया है. कंपनी ने तमाम चीनी ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया है.












