
19 जगह किया डिलीवरी का काम... फिर लिख डाली एक किताब और 20 लाख से ज्यादा कॉपियां बिकीं
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पार्सल डिलीवरी और नाइट शिफ्ट में गोदाम में माल छांटने जैसा मामूली काम करने वाला एक शख्स, इंटरनेशनल शख्सियत बन चुका है. बस उसने अपनी साधारण सी जिंदगी और संघर्ष की कहानी को एक किताब का रूप दिया और ये बेस्ट सेलर बन गई. आज करोड़ों आम लोग उनकी आत्मकथा से खुद को रिलेट कर पा रहे हैं, जिनके हिस्से में सक्सेस कम और असफलताएं ज्यादा होती हैं.
पूरी जिंदगी डिलीवरी बॉय और छोटे-मोटे काम करने वाला एक मामूली सा शख्स बेस्ट सेलर बुक का ऑथर बन गया. वह कोई साहित्यकार नहीं हैं. इससे पहले उन्होंने कोई क्लासिक बुक नहीं लिखी. लेखन में उनकी कोई खास रुचि भी नहीं थी. बस एक दिन उनके मन में अपनी कहानी को शब्दों में बयां करने का विचार आया. फिर उन्होंने अपनी असफलताओं से भरी अब तक की साधारण लाइफ स्टोरी लिख डाली.
चीन के सिचुआन प्रांत में चेंगदू शहर के एक पब्लिक लाइब्रेरी के शांत कोने में बैठा 47 साल का शख्स अपनी नोटबुक में बड़े ध्यान से कुछ लिख रहा है. उसके आसपास बैठे छात्रों को वह शायद किसी अन्य मध्यम आयु वर्ग के व्यक्ति की तरह ही अपना दिन गुजारता हुआ दिखाई दें. बहुत कम लोग अनुमान लगा पाएंगे कि यह व्यक्ति हू अन्यान हैं, जो पुरस्कार विजेता लेखक हैं. उन्होंने 'आई डिलीवर पार्सल्स इन बीजिंग' नामक एक किताब लिखी है. यह उसकी आत्मकथा है, जिसकी अब तक 20 लाख से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं.
जिंदगी भर पार्सल डिलीवरी जैसा मामूली काम करने वाले हू अन्यान आज चीन में वर्किंग-क्लास के हीरो बन गए हैं. हू अपनी इस सफलता की कहानी हांगकांग इंटरनेशनल लिटरेरी फेस्टिवल में भी सुनाएंगे. चीन में आज यह शख्स और इसकी आत्मकथा सुर्खियों में है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, हू इस साल 1 से 8 मार्च तक चलने वाले हांगकांग इंटरनेशलन लिटरेरी फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे. यह ऐसे समय में हो रहा है जब समीक्षकों ने उनकी किताब की काफी प्रशंसा की है और हाल ही में इसका अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ है. इस वर्ष के अंत में इसका फ्रेंच संस्करण प्रकाशित होने वाला है.
साधारण जिंदगी जीने वाले करोड़ों आम आदमी का हीरो यह कहानी एक सच्ची आत्मकथा है जो हू को एक बेहद अप्रत्याशित नायक के रूप में प्रस्तुत करती है. एक ऐसा व्यक्ति जिसने स्कूल छोड़ने के बाद से 19 नौकरियां की हैं. सभी काम काफी मामूली थे. इसमें उपकरण मरम्मत करने वाले और रात की शिफ्ट में गोदाम में सामान छांटने वाले से लेकर कूरियर पहुंचाने तक का काम शामिल रहा.
हू का कहा है कि कई लोगों की धारणा के विपरीत, सच्ची कहानियां वास्तव में बहुत दुर्लभ हैं. कई पाठकों ने कहा है कि मैंने काम, जीवन और समकालीन चीनी समाज के बारे में उनकी भावनाओं को व्यक्त किया है. कुछ ने तो मुझे अपनी 'आवाज़' तक कह दिया है, लेकिन मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था.
हू ने बताया कि इस किताब को लिखने के बीज लेखक बनने की महत्वाकांक्षा में नहीं, बल्कि नौकरी से निकाले जाने की वजह से बोया गया था. दिसंबर 2019 में मुझे बीजिंग की एक कूरियर कंपनी ने पार्सल डिलीवरी के काम से निकाल दिया. इससे पहले मैंने कई अन्य कम वेतन वाली, अस्थायी नौकरियां कर चुका था. इसके बाद के महीनों में, मैंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक जर्नल लिखना शुरू किया. इससे मुझे कोई आर्थिक लाभ नहीं हो रहा था. यह सब बस समय बिताने के लिए कर रहा था. क्योंकि चीन में उस वक्त अचानक कोविड की वजह से लॉकडाउन शुरू हो गया था.

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