
17 घंटे बाद भी ईरानी राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर का कोई सुराग नहीं, बारिश और धुंध के बीच सर्च ऑपरेशन में जुटीं 40 टीमें
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ईरान के राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर अजरबैजान से लौटते समय हादसे का शिकार हो गया है. इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पा रहा है. रेस्क्यू मिशन के लिए कई टीमें बनाई गई हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण रेस्क्यू में परेशानी हो रही है.
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम का हेलिकॉप्टर अजरबैजान से लौटते वक्त हादसे का शिकार हो गया है. हादसा उस वक्त हुआ, जब वह पड़ोसी मुल्क अजरबैजान से लौट रहे थे. उनके काफिले में तीन हेलिकॉप्टर थे, जिनमें से दो तो सुरक्षित लौट आए, लेकिन वह हेलिकॉप्टर वापस नहीं लौटा, जिसमें इब्राहिम रईसी के साथ ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन, पूर्वी अजरबैजान प्रांत के गवर्नर मालेक रहमती और धार्मिक नेता मोहम्मद अली आले-हाशेम भी सवार थे. ये तीसरा हेलिकॉप्टर ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में हादसे का शिकार हो गया.
हादसे के बाद युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. ईरानी सशस्त्र बल के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बघेरी ने हेलिकॉप्टर को खोजने के लिए सेना, इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और कानून प्रवर्तन बलों के सभी उपकरणों का इस्तेमाल करने के आदेश दिए हैं. वहीं, तुर्की ने अपना नाइट विजन हेलिकॉप्टर रेस्क्यू टीम और 3 गाड़ियों के साथ ईरान भेज दिया है.
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं 40 टीमें
बताया जा रहा है कि बारिश और घने कोहरे के कारण ऑपरेशन चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. तेहरान टाइम्स के मुताबिक हादसे के बाद 40 अलग-अलग बचाव दल पहाड़ी इलाके में भेजे गए हैं. खराब मौसम के कारण इस क्षेत्र में सिर्फ जमीनी टीमें ही पहुंच पाई हैं. यहां हेलिकॉप्टर से पहुंच पाना संभव नहीं है. इलाके में पक्की सड़कें ना होने और बारिश के कारण जमीन कीचड़ से सन गई है.
सुप्रीम लीडर ने जारी किया बयान
हादसे के बाद राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की खैरियत को लेकर पूरा ईरान चिंतित है. वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खुमैनी ने भी अपना बयान जारी किया है. उन्होंने कहा,'हमें उम्मीद है कि खुदा राष्ट्रपति और उनके साथियों को राष्ट्र की बाहों में लौटा देंगे. सभी को उन लोगों की बेहतरी के लिए दुआ करनी चाहिए. ईरान के लोगों को हादसे के लिए चिंतित होने की जरूरत नहीं है. देश में चल रहे किसी भी काम में कोई रुकावट नहीं आएगी.'

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