
120 देशों में वीजा फ्री एंट्री, नो टैक्स... ललित मोदी को मिला वानुआतु का 'गोल्डन पासपोर्ट', जानें उसकी खासियत
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वानुआतु में एक लोकप्रिय
आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने शुक्रवार को लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट सरेंडर कर दिया है और एक छोटे से दक्षिणी प्रशांत द्वीप वानुआतु की नागरिकता ले ली है. विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की. वानुआतु में निवेश द्वारा नागरिकता या 'गोल्डन पासपोर्ट' कार्यक्रम लोकप्रिय है, जो अमीर व्यक्तियों को पासपोर्ट खरीदने की अनुमति देता है.
क्या है वानुआतु का नागरिकता कार्यक्रम वानुआतु में एक लोकप्रिय "सिटिजनशिप बाय इन्वेस्टमेंट" (CBI) या "गोल्डन पासपोर्ट" कार्यक्रम है, जो अमीर व्यक्तियों को इसके पासपोर्ट खरीदने की अनुमति देता है. नागरिकता खरीदने का मतलब है कि व्यक्ति एक देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय योगदान करके नागरिकता प्राप्त करता है. दुनिया भर के कई देश निवेश आकर्षित करने और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए विदेशी नागरिकों को नागरिकता देते हैं. माल्टा, तुर्की, मोंटेनेग्रो, एंटीगुआ, बारबुडा, डोमिनिका, और मिस्र जैसे देशों में भी CBI कार्यक्रम है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वानुआतु का नागरिकता बाय इन्वेस्टमेंट कार्यक्रम सबसे तेज और सबसे सरल नागरिकता कार्यक्रम है. इसके लिए बहुत कम दस्तावेज़ों की जरूरत होती है और सभी दस्तावेज़ डिजिटल रूप में दिए जाते हैं. यानी आवेदक को नागरिकता प्राप्त करने के लिए देश में कदम रखने की भी आवश्यकता नहीं है.
वानुआतु की नागरिकता की लागत 1.18 करोड़ रुपये से 1.35 करोड़ रुपये तक है और परिवार के चार सदस्यों के लिए भी नागरिकता खरीदी जा सकती है. आवेदन दाखिल करने के बाद प्रोसेसिंग समय 30 से 60 दिन के बीच होता है.
नागरिकता के साथ मिलते हैं ये फायदे
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 तक, वानुआतु का पासपोर्ट 113 देशों में बिना वीजा के प्रवेश की अनुमति देता है. हेनली पासपोर्ट इंडेक्स के अनुसार, वानुआतु का पासपोर्ट दुनिया में 51वें नंबर पर है (199 देशों में से), जो सऊदी अरब (57), चीन (59) और इंडोनेशिया (64) से ऊपर है. भारत 80वें स्थान पर है.

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