
उस मीटिंग में क्या-क्या बातें हुईं जिसमें पीएम मोदी, प्रियंका गांधी, सुप्रिया सुले मौजूद थे?
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शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की टी पार्टी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, सुप्रिया सुले समेत तमाम विपक्षी नेता भी पहुंचे. पीएम की इस टी मीटिंग में क्या-क्या बातें हुईं?
संसद का शीतकालीन सत्र अब समापन तक पहुंच चुका है. पहले दिन से हंगामेदार रहे इस सत्र के आखिरी दिन भी दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला. हंगामे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई. शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद परंपरा के मुताबिक चाय पार्टी भी हुई.
इस चाय पार्टी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही विपक्षी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले समेत सभी प्रमुख दलों के नेता शामिल हुए. टी मीटिंग की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें मौजूद तमाम नेता दिखाई दे रहे हैं. तस्वीरें सामने आने के बाद अब इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि इस मीटिंग में क्या-क्या बातें हुईं?
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रियंका गांधी के बीच कांग्रेस महासचिव के निर्वाचन क्षेत्र केरल के वायनाड को लेकर बातचीत हुई है. प्रधानमंत्री मोदी के साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की बातचीत को सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष की तल्खी से अलग सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बताया जा रहा है.
बैठक के दौरान सदस्यों ने नए संसद भवन में एक समर्पित हॉल की मांग प्रधानमंत्री के सामने रखी. इस पर एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि पुराने संसद भवन में ऐसी व्यवस्था थी, लेकिन उसका बहुत कम इस्तेमाल होता था. सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी को यह भी बताया कि सत्र काफी उपयोगी रहा, हालांकि इसे और आगे बढ़ाया जा सकता था.
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सांसदों ने पीएम मोदी से कहा कि देर रात तक विधेयक पारित करने को आदर्श स्थिति नहीं माना जाता. सत्र की शुरुआत से ही कई सदस्य, खासकर विपक्षी दलों के सदस्य इसे कम से कम एक हफ्ते बढ़ाने की मांग कर रहे थे. इस टी मीटिंग में हल्के-फुल्के अंदाज़ में यह भी कहा गया कि विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण सत्र अपेक्षाकृत छोटा रहा.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












