
गुरुग्राम: 32 साल पहले मर चुके शख्स ने नाम पर खुलवाया बैंक खाता, फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनाकर बेच दी उसकी जमीन
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गुरुग्राम पुलिस ने नवीन राणा नामक वकील को गिरफ्तार किया है, जिसने 1993 में मर चुके ओम प्रकाश बनकर उनकी जमीन धोखाधड़ी से बेच दी. आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खोला और करीब 60 लाख रुपये अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर लिए.
साइबर सिटी गुरुग्राम में एक वकील की ऐसी करतूत सामने आई है जिसने कानून के रक्षकों को भी हैरान कर दिया है. पुलिस ने नवीन राणा नामक एक 40 वर्षीय वकील को गिरफ्तार किया है, जिसने 1993 में मर चुके एक व्यक्ति को कागजों में 'जिंदा' दिखाकर उसकी जमीन बेच दी और लाखों रुपये डकार लिए.
1993 में मर चुके व्यक्ति की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचकर कंपनी से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एक वकील को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान नवीन राणा (40) के रूप में हुई है, जो बजघेड़ा गांव का रहने वाला है और गुरुग्राम कोर्ट में वकालत करता था.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ओम प्रकाश नाम के व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खुलवाया, जबकि असली ओम प्रकाश की मौत वर्ष 1993 में हो चुकी थी. एक्सिस बैंक की सदर बाजार शाखा के मैनेजर ने 10 सितंबर 2024 को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी.
फर्जी नाम से खाता
शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2015 में पालम विहार शाखा में ओम प्रकाश बनकर खाता खोला गया, जिसमें दो दिन बाद 46.50 लाख रुपये जमा किए गए. संदेह के चलते बैंक ने जनवरी 2016 में खाता फ्रीज कर दिया था. बाद में अक्टूबर 2016 में खाता सदर बाजार शाखा में ट्रांसफर किया गया.
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