
10 हजार लगाने वाले 19 करोड़ के मालिक, इन 10 स्टॉक्स ने सही में अमीर बना दिया!
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Wealth Creator Stocks: आप जब कंपनियों की सूची देखेंगे, तो सोचेंगे कि इन कंपनियों में इतनी ताकत है. शायद एक दो आपके पोर्टफोलियो में भी हो. लेकिन शायद आपने लंबा वक्त नहीं दिया हो.
शेयर बाजार (Share Market) से सब लोग पैसे नहीं बना पाते हैं, लेकिन कुछ लोग सही दांव लगाकर इसी बाजार से मोटा पैसा बना लेते हैं, अमीर भी बन जाते हैं. ये हम नहीं आंकड़े बता रहे हैं. अगर आपने आज से 25-27 साल पहले इन स्टॉक्स में सिर्फ 10 हजार रुपये लगाए होते तो वो अब करीब 19 करोड़ रुपये बन जाते. आप भी हैरान होंगे, कि ऐसा कौन सा स्टॉक है? जिसने 10 हजार को 19 करोड़ बना दिया. ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस CLSA ने 28 साल पहले यानी 1998 को बेस बनाकर एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें ब्रोकरेज ने 10 ऐसी भारतीय कंपनियों की सूची जारी की है, जो हकीकत में निवेशक के लिए 'wealth-creator' यानी करोड़पति बनाने वाला स्टॉक्स साबित हुआ है. इन 10 कंपनियों में सिर्फ 10,000 रुपये का निवेश करीब 28 साल में 1.35 करोड़ रुपये से लेकर 19.17 करोड़ रुपये तक बन गए.
आप जब कंपनियों की सूची देखेंगे, तो सोचेंगे कि इन कंपनियों में इतनी ताकत है. शायद एक दो आपके पोर्टफोलियो में भी हो. लेकिन शायद आपने लंबा वक्त नहीं दिया हो.
इस शानदार रिटर्न को देखकर एक तस्वीर तो साफ हो जाती है, कि आपको सही स्टॉक का चयन करना है, और उसे लेकर बैठ जाना है, यानी लंबी अवधि तक इंतजार करना है. एक-दो साल में करोड़पति बनना का सपना अधिकतर लोगों का साकार नहीं होता है, इस चक्कर लोग शेयर बाजार (Share Market) में अपना कैपिटल भी गवां देते हैं.
कौन-कौन शेयर लिस्ट में
ब्रोकरेज फर्म CLSA की लिस्ट में सबसे ऊपर Westlife Foodworks कंपनी का नाम है. इसने पिछले 28 साल में करीब 19,17,039% यानी 19170 गुना रिटर्न दिया है. मतलब ये कि इस कंपनी में 28 साल पहले 10,000 रुपये निवेश करने पर अब 19.17 करोड़ रुपये बन जाते.
दूसरे नंबर पर Havells India है, जिसने 10 हजार को 6.59 करोड़ रुपये बनाकर दिया है. तीसरे पायदान पर Eicher Motors है, जिसने 10 हजार को 4.81 करोड़ रुपये में कंवर्ट कर दिया.

चीनी मार्केट की शक्ल लगभग दो साल बाद बदल गई है. 2024 में BYD ने फॉक्सवैगन को पीछे छोड़ा था और 2025 में भी कंपनी चीनी मार्केट की टॉप कार सेलिंग ब्रांड बनी रही. हालांकि, 2026 की शुरुआत कुछ अलग हुई है. फॉक्सवैगन दोबारा चीनी मार्केट में टॉप सेलिंग ब्रांड बन गया है. कंपनी ने तमाम चीनी ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया है.












