
1.3 लाख जवान, बुलेटप्रूफ गाडियां, सभी बॉर्डर सील... दिल्ली में G-20 की ऐसी हैं तैयारियां
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G20 जैसे इस वर्ल्ड क्लास सम्मेलन को लेकर गृह मंत्रालय की कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं. हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली पुलिस मुख्य रूप से प्रमुख नोडल एजेंसी है. लेकिन सभी अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी सुरक्षा में तैनात किया गया है. सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के रक्षकों की पचास टीमें तैयार की गई हैं जिसमें लगभग 1000 जवान शामिल होंगे.
राजधानी दिल्ली में नौ और दस दिसंबर को G20 सम्मेलन होना है. इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सहित कई बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली पहुंचेंगे. जिसे देखते हुए पूरी दिल्ली हाई अलर्ट पर होगी. सुरक्षा के लिए तकरीबन 1.30 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा.
इस वर्ल्ड क्लास सम्मेलन को लेकर गृह मंत्रालय की कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं. हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली पुलिस मुख्य रूप से प्रमुख नोडल एजेंसी है. लेकिन सभी अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी सुरक्षा में तैनात किया गया है. सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के रक्षकों की पचास टीमें तैयार की गई हैं जिसमें लगभग 1000 जवान शामिल होंगे. इसके अलावा 300 बुलेटप्रुफ वाहनों को भी तैयार किया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, सीआरपीएफ के वीआईपी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में जिन एक हजार जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, वे सामान्य कर्मी नहीं हैं. इनमें वे सभी जवान शामिल हैं, जो पूर्व में वीआईपी सुरक्षा का हिस्सा रह चुके हैं. ये वो कमांडो है जो कभी न कभी एसपीजी और एनएसजी जैसी सुरक्षा यूनिटों के साथ काम कर चुके है. ये सभी जवान, विदेशी राष्ट्रध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों के वीआईपी रूट्स के 'कारकेड' में चलेंगे.
VIP के काफिले की सुरक्षा होगी अभेद्य
सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर में स्पेशल कमांडोज को वीआईपी के काफिले से लेकर ठहरने के स्थान तक की सुरक्षा का पूरा दायित्व सौंपने की ट्रेनिंग दी गई है. होटल या बैठक स्थल से निकलने के बाद वीआईपी को गाड़ी तक कैसे पहुंचाना है. उस वक्त सुरक्षा को लेकर किस तरीके का प्रोटोकॉल होगा, उनके बारे में बताया भी पूरी विस्तृत जानकारी कमांडो को दी गई है. गाड़ी में कैसे बैठना है, कोई घटना होती है तो उस वक्त सुरक्षा का कौन सा फार्मूला इस्तेमाल करना है, खतरे का आभास हो तो विदेशी मेहमान की सुरक्षा कैसे करनी है, आदि बातें सिखाई गई हैं. बीच रास्ते पर अगर गाड़ी में अगर कोई टेक्निकल प्रॉब्लम आ जाये तो उसके लिए प्लान B को कैसे तैयार करना है इसके साथ ही उस दौरान पहले, दूसरे व तीसरे नंबर वाले वाहन की स्थिति क्या रहेगी. कौन सी गाड़ी में विदेशी मेहमान को शिफ्ट किया जाएगा. इस दौरान राजधानी में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए सभी सीमाओं को सील कर दिया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक यह ट्रेनिंग तीन सितंबर तक चलती रहेगी. इसके बाद रिहर्सल होगी और उसके बाद निर्धारित स्थान पर सभी कमांडो को तैनात किया जाएगा.

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