
तानसेन संगीत समारोहः उनके गाने से दिए जलते थे, बारिश होती थी और पत्थर पिघल जाते थे
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तानसेन संगीत समारोह की हर सभा की शुरुआत मध्य प्रदेश के संगीत महाविद्यालयों के नौनिहालों से होती है. इस बार भी शंकर गंधर्व, माधव, तानसेन, साधना और भारतीय संगीत महाविद्यालय, ध्रुपद केंद्र और राजा मानसिंह तोमर संगीत और कला विश्वविद्यालय के छात्रों को अवसर मिला.
अजित राय जिस दौर में जब सारा देश कोविड जैसी महामारी से जूझ रहा हो, तब संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट (ग्वालियर, मध्य प्रदेश) में सैकड़ों किसान मजदूरों का तन्मय होकर शास्त्रीय संगीत सुनते हुए देखना बीते साल का सबसे सुंदर दृश्य हो सकता है. यह दृश्य पूरे भारत में और कहीं नहीं दिखाई देता. आमतौर पर शास्त्रीय संगीत की सभाओं में पढ़ा लिखा शहरी भद्रलोक ही दिखाई देता है. यह मुगल बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक तानसेन (1493-1586) के संगीत का जादू है जो उनके जाने के 435 साल बाद भी बरकरार है.
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बंदरों से परेशान किसानों ने अपनी फसल बचाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है. गांव के कुछ किसान भालू का वेश पहनकर खेतों में घूम रहे हैं, ताकि बंदर डरकर फसलों से दूर भाग जाएं. इस जुगाड़ का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग हैरानी और मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

उत्तर कोरिया की सख्त और रहस्यमयी राजनीति में इन दिनों एक नया चेहरा बार-बार नजर आ रहा है.किम जोंग उन की बेटी किम जू-ए. मिसाइल परीक्षण हो, सैन्य परेड हो या हथियार फैक्ट्री का दौरा, वह कई अहम मौकों पर अपने पिता के साथ दिखाई दे रही हैं. उनकी लगातार मौजूदगी ने दुनिया भर में यह चर्चा छेड़ दी है कि क्या किम जोंग उन अपनी बेटी को देश का अगला नेता बनाने की तैयारी कर रहे हैं.

मौत के बाद क्या होता है, यह सवाल सदियों से इंसानों को उलझाता रहा है. धर्म, दर्शन और विज्ञान-सबने अपने-अपने तरीके से इसका जवाब खोजने की कोशिश की है, लेकिन आज भी यह रहस्य पूरी तरह नहीं सुलझ पाया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्केच वायरल हो रहा है, जिसे एक शख्स ने मौत के करीब पहुंचने के अनुभव के बाद बनाया. इस चित्र में उसने ब्रह्मांड और चेतना के संबंध को एक नक्शे की तरह दिखाने की कोशिश की है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है.










