
होर्मुज बंद हुआ तो LPG के लिए छटपटाने लगी दुनिया, अब अगर ईरान ने इस रास्ते को रोका तो क्या होगा?
ABP News
Iran US War: ईरान एक और समुद्री रास्ते बाब-अल-मंडेब को भी बंद करने की बात कर रहा है. बाब अल मंडेब के वेस्ट में अफ्रीका के दो देश जिबूती और एरिट्रिया हैं, वहीं पूर्वी हिस्से में अरब देश यमन है.
अमेरिका से चल रही जंग के बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किया तो पूरी दुनिया त्राहिमाम करने लगी. पेट्रोल पंपों पर लाइन लगने लगी और रसोईघरों में मौजूद सिलिंडर धूल फांकने लगे. ये बात सिर्फ भारत की नहीं है, बल्कि दुनिया के ज्यादातर देशों पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद पड़ने का कुछ ऐसा ही असर हुआ है लेकिन ये तो सिर्फ एक रास्ता है, जिसे ईरान ने बंद किया है. अभी तो ईरान एक और रास्ते बाब-अल-मंडेब को भी बंद करने की बात कर रहा है. अगर ईरान ने उस दूसरे रास्ते को भी बंद कर दिया तो फिर दुनिया पर क्या होगा?
बाब अल मंडेब के पश्चिमी हिस्से में अफ्रीका के दो देश जिबूती और एरिट्रिया हैं, जबकि पूर्वी हिस्से में अरब देश यमन है. इन दोनों के बीच मौजूद बाब अल मंडेब अदन की खाड़ी को लाल सागर से जोड़ता है. अदन की खाड़ी से जो जहाज निकलते हैं, वो बाब अल मंडेब को पार करके लाल सागर पहुंचते हैं. वहां से ये जहाज स्वेज नहर तक जाते हैं और फिर इस स्वेज नहर से निकलकर जहाज भूमध्य सागर की ओर चले जाते हैं, जहां ये यूरोप की सीमा शुरू होती है.
दुनिया के नक्शे में अगर नीचे की तरफ देखें तो बाब अल मंडेब से अदन की खाड़ी होते हुए जहाज एशिया में अरब सागर और हिंद महासागर तक पहुंचते हैं. यानी कि आसान भाषा में कहें तो बाब अल मंडेब वो रास्ता है, जो एशिया को यूरोप से जोड़ता है.
क्या बाब अल मंडेब पर नियंत्रण कर सकता है ईरान?













