
लाल दहशत का आखिरी सलाम! बस्तर में माओवाद की कमर टूटी, पापा राव समेत 18 नक्सलियों ने डाले हथियार
ABP News
Bastar News In Hindi: बस्तर में DKSZC सदस्य पापा राव समेत 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रुख किया. इसके साथ ही बस्तर में माओवादियों की टॉप लीडरशिप लगभग खत्म हो गई है.
बस्तर में शांति और विकास की दिशा में आज एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. नक्सली कमांडर और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के सदस्य पापा राव ने अपने 17 साथियों के साथ बस्तर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.
इस मौके पर प्रदेश के डीजीपी अरुण सिंह देव गौतम, एडीजी (नक्सल) विवेकानंद सिन्हा और बस्तर आईजी सुंदरराज पी. मौजूद रहे. आत्मसमर्पण के दौरान आदिवासी समाज के प्रमुखों ने मुख्यधारा में लौटे इन पूर्व नक्सलियों को संविधान की प्रति और फूल भेंट कर उनका मुख्यधारा में स्वागत किया.
इस समर्पण समारोह में पहुँचे प्रदेश के गृहमंत्री और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अब बस्तर में DKSZC स्तर का एक भी माओवादी सक्रिय नहीं बचा है और गिनती के माओवादी ही शेष रह गए हैं. उनके लिए भी पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने बताया कि पिछले 2 वर्षों में 3,000 से अधिक माओवादियों ने सरेंडर किया है और 2,000 से अधिक नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है.
इसके अलावा सुरक्षा बलों ने अलग-अलग मुठभेड़ों में पिछले 2 सालों में 525 माओवादियों को मार गिराया है. नक्सलवाद के खात्मे में इसरो (ISRO) की सैटेलाइट तकनीक ने फोर्स की बड़ी मदद की है. गृहमंत्री ने घोषणा की कि जैसे-जैसे शांति बहाल हो रही है, बस्तर के 400 सुरक्षा कैंपों को हटाकर उन्हें लघु वनोपज केंद्रों में तब्दील किया जाएगा. इससे स्थानीय आदिवासियों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. अब छत्तीसगढ़ के अन्य नक्सल प्रभावित जिले भी पूरी तरह नक्सल मुक्त होने की राह पर हैं.













