
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं मुश्किलें, इलाहाबाद HC से मिली राहत तो फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती
ABP News
Supreme Court: मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि इस तरह के संगीन मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट को यह आदेश नहीं देना चाहिए था.
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरि की पॉक्सो केस में एक बार फिर से मुश्किलें बढ़ गई हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगी मुकुंदानंद को पॉक्सो एक्ट मामले में मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया है कि इस तरह के संगीन मामले में हाई कोर्ट को यह आदेश नहीं देना चाहिए था.
याचिका में कहा गया है कि अविमुक्तेश्वरानंद के बाहर रहने से शिकायतकर्ता और पीड़ितों पर गंभीर खतरा है. इस बात की हाई कोर्ट ने अनदेखी की. इतना ही नहीं, अग्रिम जमानत देते समय हाई कोर्ट ने तथ्यों के जिस तरह से व्याख्या की, उससे पूरा मुकदमा प्रभावित होगा.
गिरफ्तारी से बचने के लिए खटखटाया था इलाहाबाद HC का दरवाजा
दरअसल, यौन उत्पीड़न के इस गंभीर मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरि ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उनके वकील ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी. हाई कोर्ट में जस्टिस जितेंद्र कुमार की सिंगल बेंच ने पिछले महीने 27 फरवरी, 2026 को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.













