
झांसी में 19 साल की छात्रा की मौत, धमकी से आहत होकर उठाया खौफनाक कदम, पुलिस ने शुरू की जांच
ABP News
UP News: परिजनों के मुताबिक पड़ोस का युवक विकास अहिरवार दीपिका को अपने साथ ले गया. जब मुस्कान ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे भी धमकाया और किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी.
झाँसी से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां 19 साल की बीएससी छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पड़ोस के युवक की धमकी से परेशान होकर छात्रा ने आत्मघाती कदम उठाया. मामला मोठ थाना क्षेत्र के ग्राम पावई का है, मृतका मुस्कान बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी और अपने दादा-दादी व चाचा के साथ रहती थी. बताया जा रहा है कि 19 मार्च को मुस्कान अपनी चचेरी बहन दीपिका के साथ चिरगांव बाजार गई थी. शाम को मुस्कान घर लौट आई, लेकिन दीपिका वापस नहीं पहुंची.
परिजनों के मुताबिक पड़ोस का युवक विकास अहिरवार दीपिका को अपने साथ ले गया. जब मुस्कान ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे भी धमकाया और किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी. आरोप है कि इसी धमकी और मानसिक दबाव में आकर मुस्कान ने 20 मार्च को घर में रखी कीटनाशक दवा पी ली. हालत बिगड़ने पर उसे झाँसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि अगर धमकी नहीं दी जाती, तो मुस्कान आज जिंदा होती. उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
इस मामले को लेकर झाँसी पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया कि 24 मार्च को समय करीब 11.00 बजे कौशल किशोर अहिरवार पुत्र धर्मजीत निवासी ग्राम पावई थाना मोठ जिला झांसी द्वारा थाना मोठ पर लिखित सूचना दी की उनकी भतीजी मुस्कान पुत्री स्व० बलवीर निवासी ग्राम पावई थाना मोठ जिला झाँसी उम्र करीब 20 वर्ष को 19 मार्च को जहरीला पदार्थ खा लेने के बाद मेडिकल कालेज झाँसी इलाज हेतु भर्ती कराया गया था. फिर 23 मार्च को इलाज हेतु ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में करीब 11.00 बजे रात को मृत्यु हो गई.
पुलिस ने कहा कि मृतका के जहर खाने के संबंध में कोई सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी जहर खाने की घटना के 5 दिन बाद 24 मार्च को मुस्कान उपरोक्त की मृत्यु हो जाने पर परिजनों द्वारा स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई. सूचना पर थाना पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचंकर पंचायत नामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई. प्रथम दृष्टया पुलिस जाँच में सम्पूर्ण घटनाक्रम संदिग्ध प्रतीत होता है, उपलब्ध प्राथमिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिवारीजनों के बयानों और सबूतों के आधार पर घटना के विभिन्न पहलुओं की गहन जाँच की जा रही है. जाँच पूर्ण होने के उपरांत शीघ्र ही आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, वर्तमान में कानून एवं शांति व्यवस्था सामान्य है.













