
हिस्ट्रीशीटर को बेचा मोबाइल यूज़र का डेटा, पोल खुली तो दो कांस्टेबल गिरफ्तार, पुलिस सेवा से बर्खास्त
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दोनों लोक सेवकों की इस करतूत और विश्वासघात पर कड़ा रुख अपनाते हुए, ठाणे पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे ने दोनों कांस्टेबलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया. आदेश के अनुसार, सुर्वे और परब को 3 मई को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया.
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पुलिस ने अपने विभाग के दो कांस्टेबलों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. उन्हें फोन उपयोगकर्ताओं के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सहित गोपनीय मोबाइल डेटा चोरी करने और एक हिस्ट्रीशीटर को बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
ठाणे पुलिस आयुक्तालय ने इस मामले को लेकर एक विज्ञप्ति जारी की है. जिसमें कहा गया है कि एक खुफिया रिपोर्ट ने साइबर पुलिस स्टेशन से जुड़े दो कांस्टेबलों की अवैध गतिविधियों को प्रकाश में लाया, जिनकी पहचान आकाश सोपान सुर्वे (36) और हर्षद लक्ष्मण परब (31) के रूप में हुई है.
दोनों ने अवैध रूप से मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील सीडीआर, सब्सक्राइबर डिटेल रिकॉर्ड (एसडीआर) और लोकेशन डेटा हासिल किया और इस जानकारी को आदतन अपराधी मोहम्मद सोहेल शब्बीर राजपूत (28) को बेच दिया.
दोनों लोक सेवकों की इस करतूत और विश्वासघात पर कड़ा रुख अपनाते हुए, ठाणे पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे ने दोनों कांस्टेबलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया. आदेश के अनुसार, सुर्वे और परब को 3 मई को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया.
उन दोनों की बर्खास्तगी के बाद, इस संबंध में 5 मई को साइबर पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई. जिसमें आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303 (2) (चोरी), 314 (संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग) और 316 (5) (आपराधिक विश्वासघात) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं को शामिल किया गया है.
अपराध की जांच अधिक व्यापक जांच के लिए अपराध इकाई-I को सौंप दी गई है. दोनों कांस्टेबलों के अलावा, पुलिस ने डाटा खरीदने वाले राजपूत को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसे उन्होंने फोन उपयोगकर्ताओं का डेटा बेचा था. तीनों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

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