
हरियाणा में 'खाप पॉलिटिक्स' को समझिए... कितने खाप हैं, कौन प्रमुख चेहरे और किसका बिगाड़ेंगे चुनावी गेम?
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हरियाणा की सियासत खाप पॉलिटिक्स का जोर रहा है. खाप का समर्थन कभी जीत की गारंटी माना जाता था. 2014 के हरियाणा चुनाव में ये नैरेटिव टूटा और अब हालिया लोकसभा चुनाव के बाद ये फिर से प्रभावी हो गया है.
हरियाणा के विधानसभा चुनाव में खाप पॉलिटिक्स की चर्चा तेज है. खाप के प्रमुख चेहरों से लेकर इनके समर्थन और विरोध का क्या, कैसे और कितना असर होगा, ये बिंदु भी चर्चा का हॉट टॉपिक बन गए हैं. इसकी वजह ये है कि सोनू अहलावत से लेकर आजाद पालवा तक चुनाव मैदान में उतर चुके हैं. बेरी सीट पर अहलावत खाप से जुड़ीं सोनू के साथ ही अमित अहलावत भी मैदान में हैं. 360 खाप महरौली के प्रमुख गोवर्धन सिंह भी बतौर निर्दलीय मैदान में हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि हरियाणा चुनाव में खाप पॉलिटिक्स कितनी असरदार है, कितने खाप हैं और इसके प्रमुख चेहरे कौन हैं. लेकिन सबसे पहले बात खाप की.
खाप क्या है?
एक गोत्र या बिरादरी के गोत्र मिलकर खाप का गठन करते हैं. खाप कई गांवों को मिलाकर भी बनाए जाते हैं जो गांव-समाज के छोटे-मोटे विवादों का समाधान करने से लेकर किसी विषय पर सामूहिक राह का निर्धारण करने तक, निर्णायक भूमिका निभाते हैं. खाप का फैसला संबंधित गोत्र, बिरादरी या गांव के लिए अंतिम होता है और इसे सभी को मानना होता है. खाप पंचायतें कई तालिबानी फरमानों को लेकर विवादों में भी रही हैं लेकिन इनका अपना सामाजिक महत्व और स्थान है. जब किसी विषय पर सामूहिक निर्णय लेना होता है, तब सभी खाप मिलकर सर्वखाप बनाते हैं औरा इसका फैसला हर खाप मानता है.
कितने खाप और कौन प्रमुख चेहरे?
हरियाणा जाट बाहुल्य राज्य है और खाप इसकी पहचान से जुड़े हैं. सूबे में करीब 120 खाप हैं जिनमें सर्व खाप, महम चौबीसी, फोगाट खाप, सांगवान खाप, श्योराण, धनखड़, सतगामा, हवेली, मलिक, जाखड़, हुड्डा, कंडेला, बिनैन, गठवाला मलिक आदि प्रमुख हैं. कंडेला खाप के प्रमुख धर्मपाल कंडेला हैं तो वहीं सातबास खाप के बलवान सिंह मलिक. खाप पॉलिटिक्स में फोगाट खाप के प्रमुख बलवंत नंबरदार, सांगवान खाप की अगुवा सोमवीर सांगवान भी मजबूत स्थान रखते हैं.
खाप ने सरकारों को दिखाया है दम

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