
हरियाणा: नगर निकाय चुनाव के लिए 19 जून को मतदान, 22 जून को आएंगे नतीजे
AajTak
हरियाणा चुनाव आयोग ने शहरी निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया. चुनाव आयोग के मुताबिक, 18 नगर परिषद और 31 नगर पालिकाओं में 19 जून को मतदान होगा. वहीं, नतीजे 22 जून को सुबह 8 बजे से आएंगे.
हरियाणा चुनाव आयोग ने नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया. चुनाव आयोग के मुताबिक, 18 नगर परिषद और 31 नगर पालिकाओं में 19 जून को मतदान होगा. वहीं, नतीजे 22 जून को सुबह 8 बजे से आएंगे. हरियाणा सरकार इन जगहों पर नगर निकाय चुनाव कराने पर सहमति दे चुका है.
हरियाणा के चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने बताया कि हरियाणा की 18 नगर परिषद और 31 नगर पालिकाओं में 19 जून को मतदान होगा. मतदान सुबह 7:00 बजे से शाम को 6:00 बजे तक होगा. 22 जून को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी.
आज से आदर्श आचार संहिता लागू हरियाणा में आज से आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी. इसके अलावा उम्मीदवार 30 मई से 4 जून के बीच सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक नामांकन करा सकेंगे. 6 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 7 जून को नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे. 7 जून को ही 3:00 बजे प्रत्याशियों को सिंबल दिया जाएगा.
इन 18 नगर परिषदों में होना है चुनाव
गोहाना, होडल, पलवल, सोहना, मंडी डबवाली, चरखी दादरी, झज्जर, जींद, कैथल, हांसी, बहादुरगढ़, नरवाना, टोहाना, नूंह, कालका, नारनौल, फतेहाबाद और भिवानी.
इन 31 नगरपालिकाओं में भी होगा मतदान तरावड़ी, निसिंग, चीका, महम, राजौंद, पिहोवा, उचाना, महेंद्रगढ़, शाहाबाद, घरौंडा, सफीदों, गन्नौर, भूना, बावल, ऐलनाबाद, नांगल चौधरी, नारायणगढ़, रतिया, बरवाला, समालखा, फिरोजपुर झिरखा, पुन्हाना, असंध, लाडवा, रानिया, इस्माइलाबाद, साढौरा, कुंडली, सीवन, बाढ़ड़ा और बादली

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









