
हमीरपुर के कार्यक्रम में विक्रमादित्य ने दिखाई अनुराग-गडकरी से करीबी, फिर उठे सवाल
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हिमाचल कांग्रेस में जारी रार के बीच हमीरपुर में हुए एक कार्यक्रम के दौरान विक्रमादित्य सिंह की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और अनुराग ठाकुर से करीबी नजर आई. इसे लेकर अब फिर सवाल उठने लगे हैं.
हिमाचल कांग्रेस में जारी रार के बीच मंगलवार को हमीरपुर में अलग ही नजारा दिखा. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के इलाके में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कार्यक्रम था. स्थानीय सांसद अनुराग ठाकुर के साथ ही हिमाचल सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ मंच पर नजर आए. वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल के परिवार की सियासी अदावत जगजाहिर रही है लेकिन मंगलवार को दोनों परिवारों की युवा पीढ़ी के बीच जिस तरह की ट्यूनिंग गडकरी के कार्यक्रम में मंच पर नजर आई, ताजा परिस्थितियों में इसने नई चर्चा को जन्म दे दिया है.
कार्यक्रम में कांग्रेस नेतृत्व को तेवर दिखा रहे विक्रमादित्य अलग अंदाज में नजर आए. विक्रमादित्य ने अपने संबोधन की शुरुआत अनुराग ठाकुर को बड़ा भाई बताकर की, नितिन गडकरी की जमकर तारीफ की और अंत में भारत माता की जय के नारे भी लगाए. अनुराग ठाकुर ने जब बोलना शुरू किया तब विक्रमादित्य के भारत माता की जय वाले नारे को लेकर कहा भी कि नारा सही जगह पर लगाया है. विक्रमादित्य ने हिमाचल के विकास को सामूहिक जिम्मेदारी बताया और विकास परियोजनाओं के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी का आभार भी व्यक्त किया.
विक्रमादित्य ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हिमाचल को आगे ले जाने के लिए काम करने का संकल्प व्यक्त किया और यह भी जानकारी दी कि दिल्ली में भी मुलाकात के दौरान प्रदेश के रुके हुए विकास कार्य पूरे करने का आश्वासन दिया गया है. इससे पहले विक्रमादित्य एनआईटी परिसर से कार्यक्रम स्थल दोसड़का तक केंद्रीय मंत्री गडकरी और अनुराग ठाकुर के साथ एक ही गाड़ी में पहुंचे. विक्रमादित्य एनआईटी परिसर से अपनी गाड़ी से आयोजन स्थल के लिए निकल रहे थे लेकिन गडकरी ने उन्हें इशारे से बुलाकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया.
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में मची कलह के बीच विक्रमादित्य ने जिस तरह अनुराग ठाकुर और नितिन गडकरी के साथ करीबी दिखाई, उसे लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. चर्चा इसे लेकर भी हो रही है कि विक्रमादित्य की यह करीबी निकट भविष्य में बड़े सियासी उलटफेर की आहट तो नहीं? दरअसल, विक्रमादित्य ने सुक्खू सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद दिल्ली पहुंचकर प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की थी. दो दिन मैराथन मुलाकात के बाद विक्रमादित्य को दिल्ली से खाली हाथ ही शिमला लौटना पड़ा था.
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