
हत्या को हादसे में थी खपाने की कोशिश, ऐसे खुला राज, मृतक के दो दोस्त हुए गिरफ्तार, दो फरार
AajTak
सूरत में 1 जून 2025 की रात को एक युवक की कटी हुई लाश बरामद हुई थी. मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था.
गुजरात में सूरत के कडोदरा इलाके से होकर गुजरने वाली रेलवे लाइन से 1 जून 2025 की रात को एक युवक की कटी हुई लाश बरामद हुई थी. मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल केस दर्ज कार्यवाही शुरू की थी. इस दौरान मृतक के भाई ने पुलिस को बताया कि जिस दिन से उसके भाई की मौत हुई है उसी दिन से उसके चार दोस्त गायब हैं. बस यहीं से पुलिस को मामले की जांच को लेकर एक नई दिशा मिल गई थी.
पुलिस ने जब मृतक युवक के दोस्तों की तलाश शुरू की तो दो युवक पुलिस के हाथ लगे. जिन्होंने अपने ही दोस्त की पिटाई करने और उसके बेहोशी के बाद उसको रेलवे ट्रैक पर डालने की बात कबूल की है. पकड़े गए लोग हत्या के इस मामले को हादसे में तब्दील करना चाहते थे लेकिन वह अपने सफल नहीं हो सके और पुलिस की गिरफ्त में आ गए जबकि हत्या में शामिल दो लोग अभी भी वांटेड हैं.
पकड़े गए इन दो लोगों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर के राजकुमार शुक्ल नामक युवक की पिटाई की थी और उसे रेलवे ट्रैक पर डाल दिया था. इस दौरान उन चारों लोगों ने राजकुमार शुक्ल का एक हाथ भी रेलवे ट्रैक के हुक से बांध दिया था. एक गुड्स ट्रेन जब वहां से गुजरी तो राजकुमार के शरीर के टुकड़े हो गए थे. शुरुआत में पुलिस को लगा था कि यह हादसा है लेकिन जब मृतक राजकुमार शुक्ल के भाई ने पुलिस को बताया कि जिस दिन से उसके भाई की मौत हुई है उस दिन से उसके चार दोस्त गायब हो गए हैं.मृतक राजकुमार के भाई की बात सुनकर के पुलिस ने जब जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या का मामला है.कड़ोसरा थाना पुलिस ने इस मामले में कार्यवाही करते हुए हत्या के मामले ने मृतक राजकुमार शुक्ल के दो दोस्त सुमन उर्फ सोनू राजदेव प्रसाद वर्मा और अजीत कुमार भरत महतो को गिरफ्तार किया है जबकि मृतक के दो दोस्त सुमन कुमार उर्फ राजा राज्य प्रसाद वर्मा और सुनील कुमार श्रावण को फरार घोषित किया है.
सूरत जिले के पलसाणा तहसील के तातीथैया गांव की नीलकंठ सोसायटी में रहने वाले राजकुमार शुक्ल नामक एक युवक का शव 1 जून को संदिग्ध हालत में रेलवे ट्रैक पर मिला था, इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. मृतक युवक का हाथ उस समय रेलवे ट्रैक पर रेल की पटरी से बंधा हुआ था, जिससे यह एक संदिग्ध घटना बन गई है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के भौथर गांव निवासी राजकुमार प्रमोद शुक्ला पिछले सात-आठ साल से तातीथैया स्थित गोकुलधाम विला सोसायटी में रहता था.1 जून को रात करीब 1 बजे तातीथैया गांव के पास सूरत-भुसावल रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी. राजकुमार का सिर उसके धड़ से अलग हो गया. हालाँकि, उसका दाहिना हाथ नायलॉन की रस्सी से रेलवे ट्रैक से बंधा हुआ था. मालगाड़ी की चपेट में आने से उसकी मृत्यु हो गई. संदिग्ध घटना के बावजूद पुलिस ने उस समय आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी थी. घटना के बाद राजकुमार के साथ रहने वाले सुमनकुमार उर्फ राजा राज्यप्रसाद वर्मा, सुमन उर्फ सोनू राजदेवप्रसाद शर्मा, अजीत कुमार भरत महोतो और सुनीलकुमार श्रवण लापता हो गए थे. मृतक के चचेरे भाई ने घटना के 16 दिन बाद कडोदरा थाने में इन चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था. डी वायएसपी एच एल राठौड़ ने बताया कि राजकुमार का इन चारों से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था और इसी रंजिश के चलते उन्होंने साजिश रची और राजकुमार को रेलवे ट्रैक पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी और फिर पूरी घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की. हालांकि चर्चा है कि पुलिस ने इस घटना में सोनू और अजीत को गिरफ्तार कर लिया है.

दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक दुखद और गंभीर खबर आई है जहां एक 11 साल के बच्चे की हत्या हुई है. बच्चे की आंख और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं. जानकारी के अनुसार, पिता ने ही अपने पुत्र की हत्या की है और उसने घटना के बाद एक वीडियो बनाकर अपने परिवार को भेजा. इस घटना के बाद आरोपी फरार है और इस मामले की जांच जारी है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के PRO ने दावा करते हुए कहा कि प्रयागराज प्रशासन के बड़े अधिकारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सम्मान पूर्वक दोबारा स्नान कराने की कोशिश की है. जिसके बाद स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद की तरफ से प्रशासन के लिखित में माफी मांगने, मारपीट करने वालो पर कार्रवाई और चारों शंकराचार्य के स्नान की मांग की गई.

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.










