
स्कीमः QR code स्कैन कीजिए और घर का कूड़ा दीजिए, बदले में एमसीडी गिफ्ट भी देगी
AajTak
एमसीडी के अधिकारी अश्विनी कुमार ने बुधवार को सिविक सेंटर में 'प्लास्टिक पिक-अप चैट बॉट' नामक पहल की शुरुआत की. अधिकारियों के मुताबिक क्यूआर कोड और स्टिकर, बाजारों और निवासी कल्याण संघों के कार्यालयों जैसे प्रमुख स्थानों पर चिपकाए जाएंगे.
दिल्ली के एक इलाके के लोग अब सिर्फ QR code स्कैन कर अपना कचरा कूड़े वाले को दे सकते हैं. एमसीडी ने इस सुविधा को शुरू किया है. इसमें अहम बात यह है कि इसकी मदद से लोग अपने प्लास्टिक कचरे को घर बैठे एमसीडी को सौंप सकते हैं और बदले में आकर्षक उपहार प्राप्त कर सकते हैं.
ये सुविधा दिल्ली नगर निगम के करोल बाग क्षेत्र के निवासियों को दी जा रही है. विशेष अधिकारी, एमसीडी, अश्विनी कुमार ने बुधवार को सिविक सेंटर में 'प्लास्टिक पिक-अप चैट बॉट' नामक पहल की शुरुआत की. अधिकारियों के मुताबिक क्यूआर कोड और स्टिकर, बाजारों और निवासी कल्याण संघों के कार्यालयों जैसे प्रमुख स्थानों पर चिपकाए जाएंगे.
नगर निगम ने बयान में कहा कि एमसीडी ने एक गैर सरकारी संगठन (NGO) के सहयोग से प्लास्टिक कचरा संग्रहण की दिशा में एक जरूरी पहल की है. करोल बाग अंचल के उपायुक्त शशांक आला ने कहा कि एमसीडी बाजार संघों के कार्यालयों, निवासी कल्याण संघों और अन्य प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड स्टिकर लगाएगी, ताकि लोग इस सुविधा का आसानी से उपयोग कर सकें.
48 घंटे के अंदर आएगा कचरे वाला
लोग निगम द्वारा जारी क्यूआर कोड को स्कैन करके चैट बॉट शुरू कर सकते हैं. यह नागरिकों से उनका नाम, मोबाइल नंबर और प्लास्टिक लेने की जगह के बारे में पूछेगा. इसके बाद एनजीओ का एक प्रतिनिधि 48 घंटे के भीतर आपके घर से प्लास्टिक कचरा इकट्ठा करेगा.
समस्या के बेहतर समाधान की उम्मीद

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









