
सोमवार को सीकर में देवीलाल जयंती मनाएगी जेजेपी, राजस्थान में बजाएगी चुनावी बिगुल
AajTak
चंडीगढ़ में हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 25 सितंबर को जननायक चौधरी देवीलाल की 110वीं जयंती हैं और जेजेपी उनकी कर्मभूमि सीकर की पावन धरा पर देवीलाल जयंती मनाएगी.
जननायक जनता पार्टी 25 सितंबर को देश के उपप्रधानमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल की जयंती को उनकी कर्मभूमि सीकर में 'किसान विजय सम्मान दिवस' रैली करके मनाएगी. सीकर के जिला स्टेडियम में होने वाली इस विशाल रैली को लेकर जेजेपी द्वारा तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई है.
रैली को जेजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय सिंह चौटाला, हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सहित हरियाणा और राजस्थान के कई वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे. सीकर रैली में हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, यूपी सहित कई राज्यों से लोग हिस्सा लेंगे.
चंडीगढ़ में हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 25 सितंबर को जननायक चौधरी देवीलाल की 110वीं जयंती हैं और जेजेपी उनकी कर्मभूमि सीकर की पावन धरा पर देवीलाल जयंती मनाएगी. उन्होंने कहा कि देवीलाल के अनुयायी उन्हें नमन करने के लिए बढ़-चढ़कर सीकर पहुंचेंगे और लाखों लोग सीकर पहुंचकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाएंगे. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सीकर की पावन धरा से ही चौ. देवीलाल सांसद बनकर देश के उपप्रधानमंत्री बने थे.
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राजस्थान में आज कांग्रेस सरकार से परेशान लोग व्यवस्था परिवर्तन चाहते है और सीकर रैली से जेजेपी राजस्थान में बदलाव की नींव रखेगी. उन्होंने कहा कि राजस्थान कांग्रेस के पोस्टरों में मिशन-2030 लिखा हुआ है जबकि राजस्थान की जनता 2023 में ही कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने की तैयारी में है इसलिए जनता कांग्रेस को 2030 का मौका ही नहीं देगी.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा कांग्रेस की गुलाबी गैंग की तरह प्रदेश को बर्बाद करने के लिए राजस्थान में भी गुलाबी गैंग बनी है. उन्होंने कहा कि राजस्थान कांग्रेस सरकार हजारों करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च करके पैसे की बर्बादी कर रही है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार में पंजाब की तरह नशा बढ़ा है, माइनिंग माफिया हावी है, यूपी, बिहार की तरह आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी और महिलाएं सुरक्षित नहीं है. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राजस्थान में पिछले 13 महीनों में 17 पेपर लीक के मामले सामने आएं है और भर्ती प्रक्रिया के तहत एक ही ब्लॉक में 200 सब इंस्पेक्टर की भर्ती और एक परिवार में तीन लोगों को नौकरी देकर भेदभाव किया गया है. उन्होंने कहा कि ऐसे हालातों को देखते हुए राजस्थान की जनता बदलाव चाहती है और उसमें जेजेपी अहम कड़ी साबित होगी.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








