
सेना के इतिहास में पहली बार दो क्लासमेट के हाथों में होगी थल और नौसेना की कमान, 5वीं से हैं दोस्त
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दोनों सहपाठियों की नियुक्तियां भी लगभग दो महीने के अंतर पर एक ही समय में हुई हैं. एडमिरल ने 1 मई को भारतीय नौसेना की कमान संभाली थी, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी रविवार को अपनी नया पदभार संभालेंगे.
भारतीय सेना के इतिहास में पहली बार दो क्लासमेट, लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी और एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, भारतीय सेना और नौसेना के प्रमुख होंगे. मध्य प्रदेश के सैनिक स्कूल रीवा से आने वाले, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और नामित सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी 1970 के दशक की शुरुआत में 5वीं क्लास में एक साथ पढ़ते थे.
दोनों अधिकारियों के रोल नंबर भी एक-दूसरे के आसपास थे. लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी का रोल नंबर 931 और एडमिरल त्रिपाठी का 938 था. स्कूल के दिनों से ही दोनों काफी अच्छे दोस्त हैं और सेना के अलग-अलग अंगों में होने के बावजूद वे हमेशा संपर्क में रहते हैं.
एडमिरल ने 1 मई को संभाली थी कमान
दोनों अधिकारियों को जानने वाले एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि सेना में वरिष्ठ नेतृत्व के बीच मजबूत दोस्ती सेनाओं के बीच कामकाजी संबंधों को मजबूत करने में बहुत मायने रखती है. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ए भारत भूषण बाबू ने एक ट्वीट में कहा, 'दो प्रतिभाशाली छात्रों को प्रशिक्षित करने का यह दुर्लभ सम्मान, जो 50 साल बाद अपनी-अपनी सेनाओं का नेतृत्व करेंगे, मध्य प्रदेश के रीवा के सैनिक स्कूल को जाता है.'
दोनों सहपाठियों की नियुक्तियां भी लगभग दो महीने के अंतर पर एक ही समय में हुई हैं. एडमिरल ने 1 मई को भारतीय नौसेना की कमान संभाली थी, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी रविवार को अपनी नया पदभार संभालेंगे.
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