
सेना और जंग की तैयारियों पर कितना खर्च करती है दुनिया? भारत भी Top-5 देशों में, जानिए चीन-PAK कहां
AajTak
भारत का मिलिट्री खर्च 6% बढ़ा है. यानी साल 2021 की तुलना में साल 2022 में इसमें इजाफा हुआ है. भारत ने 6 लाख करोड़ रुपए खर्च किए. चीन ने 23 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं. उसके खर्च में 4.2% की बढ़ोतरी हुई है. रूस ने भी यही किया है. सभी देश जंग और सुरक्षा के लिए ये पैसे खर्च कर रहे हैं.
रूस ने यूक्रेन पर हमला बोला. चीन ने ताइवान पर तल्खी दिखाई. नतीजा पिछले साल दुनिया का मिलिट्री खर्च बढ़ गया. साल 2022 में मिलिट्री खरीद पर 183 लाख करोड़ रुपए खर्च किए गए. यह अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री खर्च है. इस खर्च में भारत चौथे पायदान पर रहा है. सबसे ऊपर है अमेरिका, फिर चीन, रूस, भारत और सऊदी अरब.
अमेरिका, रूस और यूरोपीय देशों के रक्षा खर्च में जो इजाफा हुआ है, वह रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से हुआ है. जबकि भारत का अपनी सुरक्षा को लेकर की जा रही तैयारियों की वजह से. भारत साल 2021 में रक्षा खर्च के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर था लेकिन 2022 में चौथे स्थान पर पहुंच गया. क्योंकि हर देश किसी ने किसी देश से डरा हुआ है.
यह लगातार आठवां साल है, जब दुनिया भर में सेनाओं पर खर्च को बढ़ाया गया है. रूस के डर से यूक्रेन ने अपना रक्षा खर्च 6 गुना बढ़ाया है. उसी डर की वजह से फिनलैंड नाटो का 31वां सदस्य देश बना. फिनलैंड ने 36 फीसदी कर दिया अपना रक्षा बजट. जबकि लिथुआनिया ने 27 फीसदी बढ़ा दिया है. यह खुलासा स्टॉकहोम की संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने अपने रिपोर्ट में की है.
सबसे ज्यादा खर्च करने वाले पांच बड़े देश
अमेरिकाः 71 लाख करोड़ रुपए (0.7% बढ़ोतरी)चीनः 23 लाख करोड़ रुपए (4.2% का इजाफा)रूसः 7 लाख करोड़ रुपए (9.2% की बढ़त)भारतः 6 लाख करोड़ रुपए (6% बढ़ोतरी)सऊदी अरबः 5.8 लाख करोड़ रुपए (16% बढ़ा)
चीन का रक्षा खर्च क्यों बढ़ा, जानिए इसकी बड़ी वजह

नैनीताल में तूफान और ओलावृष्टि से बिजली व्यवस्था दो दिन तक ठप रही, जिससे 80 हजार लोग प्रभावित हुए. इसी बीच गहराते एलपीजी संकट ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. गैस की कमी के चलते होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं, जिससे पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है. बिजली बहाल होने के बाद भी शहर पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है और रोजगार को लेकर चिंता बढ़ गई है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है. वहीं, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में गैर-सनातनी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक की बात कही है.

दिल्ली के रूप नगर में 33 साल पुराना लोहे का फुट ओवरब्रिज मंगलवार सुबह गिर गया, जिसमें एक महिला की जान चली गई. यह पुल पहले से ही असुरक्षित घोषित था और जुलाई 2025 से बंद था, फिर भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे. सिंचाई मंत्री परवेश साहिब सिंह ने हादसे की जांच के लिए 3 सदस्यों की कमेटी बनाई है और 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. साथ ही दिल्ली के सभी पुराने पुलों की जांच के आदेश दिए गए हैं.










