
सेंगोल बनाने वाले एथिराजुलु और सुधाकर की कहानी, संसद के उद्घाटन समारोह में होंगे शामिल.. 1947 में 15 हजार रुपये थी कीमत?
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1947 में सेंगोल को मद्रास के स्वर्णकार वुम्मिडि बंगारू चेट्टी ने हस्तशिल्प कारीगरी द्वारा बनवाया था. इसे 1 महीने से कम समय में बनाया गया था. इसे बनाने में 96 साल के वुम्मिदी एथिराजुलु और 88 साल के वुम्मिदी सुधाकर भी शामिल थे. बताया जा रहा है कि ये दोनों लोग नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे. इस मौके पर तमिलनाडु से आए अधिनम उन्हें ऐतिहासिक और पवित्र सेंगोल सौंपेंगे. इसे संसद भवन में स्पीकर की कुर्सी के पास स्थापित किया जाएगा. यह वही सेंगोल (राजदंड) है, जिसे 1947 में अंग्रेजों से भारत में सत्ता के हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को सौंपा गया था.
चोल राजवंश में पारंपरिक प्रथा थी, इसके तहत सत्ता के हस्तांतरण के वक्त राजा दूसरे राजा को सेंगोल सौंपता था. तमिल राजाओं के पास यह सेंगोल न्याय और सुशासन का प्रतीक माना जाता था. जवाहर लाल नेहरू ने थिरूवावदुथुरई आधीनम के महंत से इस सेंगोल को स्वीकार किया था. अधीनम तमिल शैव मठों में से एक है. तमिल भाषा में अधिनम का अर्थ शैव मठ और शैव मठ के प्रमुख दोनों होता है.
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, धर्मपुरम और थिरूवावदुथुरई अधीनम जैसे शैव मठों से जुड़े पन्नई टी चोकलिंगम बताते हैं कि राजगोपालाचारी ने जवाहर लाल नेहरू को यह परंपरा निभाने के लिए मनाया था. राजगोपालाचारी ने नेहरू से कहा था कि भारत की अपनी परंपराएं हैं और संप्रभु शक्ति के हस्तांतरण की अध्यक्षता एक आध्यात्मिक गुरु द्वारा की जानी चाहिए. चोकलिंगम ने बताया कि राजगोपालाचारी ने नेहरू को बताया था कि थिरूवावदुथुरई एक प्राचीन मठ है और उसे ही सेंगोल को बनवाने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. नेहरू ने यह सुझाव स्वीकार कर लिया था. सेंगोल को चोल युग की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए ही बनाया गया और सौंपा गया. 15000 रुपये में बनाया था सेंगोल
1947 में सेंगोल को मद्रास के स्वर्णकार वुम्मिडि बंगारू चेट्टी ने हस्तशिल्प कारीगरी द्वारा बनवाया था. इसे 1 महीने से कम समय में बनाया गया था. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके लिए वुम्मिडि बंगारू चेट्टी को 15000 रुपये मिले थे. इसे बनाने में 96 साल के वुम्मिदी एथिराजुलु (Vummidi Ethirajulu) और 88 साल के वुम्मिदी सुधाकर (Vummidi Sudhakar) भी शामिल थे. बताया जा रहा है कि ये दोनों लोग नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होंगे.
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