
'सुबह 6 बजे बहावलपुर में नमाजियों की...', CDS चौहान ने बताया 1.30 बजे रात क्यों किया स्ट्राइक
AajTak
रांची में स्कूल के बच्चों को संबोधित करते हुए चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि फौज वह जगह है जहां नेपोटिज्म नहीं होता. उन्होंने बच्चों से आर्मी में शामिल होने की प्रेरणा लेने को कहा ताकि वे देश व दुनिया को देख सकें. साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तकनीकी कारणों और नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बताया कि मध्य रात में स्ट्राइक करने का निर्णय क्यों लिया गया.
रांची में एक कार्यक्रम के दौरान ची ऑफ डिफेन्स स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने बड़े विश्वास के साथ कहा कि सेना (फौज) ही ऐसी जगह है जहां नेपोटिज्म नहीं होता. साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की भी बात की, जहां भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान को पहलगाम आतंकी हमले का जवाब दिया था और आतंकियों पर एयर स्ट्राइक की थी. सीडीएस ने बताया कि आखिर रात डेढ़ बजे ही क्यों हमला किया गया.
वहीं उन्होंने यह भी बताया कि इस साल प्राकृतिक आपदाओं की संख्या ज्यादा थी और फोर्स ने नागरिकों को बचाने के लिए अधिकतम प्रयास किए. यह संदेश उन्होंने युवाओं में किस्म की ईमानदारी व सामाजिक जिम्मेदारी जगाने के लिए दिया.
ऑपरेशन सिंदूर: रात का हमला और नागरिक सुरक्षा
जनरल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर का एक महत्वपूर्ण पहलू भी साझा किया. उन्होंने बताया कि 7 मई की रात लगभग 1:00 से 1:30 बजे के बीच आतंकवादी ठिकानों पर पहला स्ट्राइक किया गया था.
यह भी पढ़ें: CDS अनिल चौहान ने चीन के साथ सीमा विवाद को बताया सबसे बड़ी चुनौती, भारत के लिए 4 बड़े खतरे भी गिनाए
उन्होंने कहा कि इस समय का चुनाव दो कारणों से किया गया था. पहला कारण था कि सेना को अपनी टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंस पर भरोसा था कि रात में भी वह इमेजरी या सैटेलाइट इमेजेज, फोटो आदि ले सकेंगी. दूसरा और अहम वजह थी नागरिकों की जान बचाना.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.








