
सुखबीर बादल पर AAP का आरोप, शराब-सिगरेट बनाने वाली कंपनी से ले रहे फंड
AajTak
अकाली दल के प्रमुख सुखवीर सिंह बादल पर AAP नेताओं ने सिगरेट और शराब की कंपनी से फंड जुटाने का आरोप लगाया है. आप नेताओं का कहना है कि ये हालत तब है जब अकाली दल के संविधान में लिखा है कि नशा करने वाले लोगों को पार्टी का सदस्य तक नहीं बनाया जा सकता है.
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह पर आम आदमी पार्टी ने शराब और सिगरेट बनाने वाली कंपनी से पार्टी फंड में पैसा लेने का आरोप लगाया है. सोमवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आप नेता मनविंदर सिंह ग्यासपुरा और दिनेश चड्ढ़ा ने सुखबीर सिंह बादल पर आरोप लगाते हुए कहा कि अकाली दल के संविधान में लिखा हुआ है कि नशा करने के वाले लोगों को पार्टी का सदस्य तक नहीं बनाया जा सकता, उसके बावजूद सुखबीर बादल ने नशा का व्यापार करने वालों से पैसे लिए. आप नेताओं ने कहा कि सिगरेट और शराब बनाने वाली कंपनी से पार्टी फंड में लाखों रुपए लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि अकाली दल को बादल परिवार ने दूषित कर दिया है. पार्टी की मर्यादा को पूरी तरह से इन लोगों ने नष्ट कर दिया है. जब अकाली दल की स्थापना हुई थी, तो कहा गया था कि पार्टी में शराब और अन्य तरह के नशा करने वाले लोगों को शामिल नहीं किया जाएगा. मास्टर तारा सिंह और अन्य संस्थापक सदस्यों ने बहुत मेहनत और संघर्ष कर अकाली दल को मजबूत किया और उन्होंने कभी भी अपने उसूलों के साथ समझौता नहीं किया, लेकिन बादल परिवार ने अकाली दल पर कब्जा कर लिया है. पार्टी के सारे उसूलों को दफन कर दिया गया है.
जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.








