
सीमा पर झड़प के बाद भारत-बांग्लादेश के बीच हाई-लेवल बैठक, BSF और BGB के कमांडर रहे मौजूद
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दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने खुले संचार, आपसी विश्वास और निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया. सकारात्मक परिणाम का जिक्र करते हुए बीएसएफ के जनसंपर्क अधिकारी एन.के. पांडे ने सीमाओं की सुरक्षा और पड़ोसी संबंधों को बढ़ावा देने के साझा उद्देश्यों की पुष्टि की.
मालदा में हाल ही में हुई घटना के बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच एक हाई लेवल मीटिंग हुई है. कुछ दिन पहले दोनों देशों के ग्रामीणों के बीच झड़प हुई थी. मालदा में सुखदेवपुर सीमा पर फसल चोरी के आरोप में दोनों देशों के ग्रामीणों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके थे. हालात हिंसक हो गए थे क्योंकि हजारों ग्रामीण भारत-बांग्लादेश सीमा पर एकत्र हो गए और झड़प में शामिल हो गए.
इसके बाद बीएसएफ और बीजीबी ने दखल देते हुए हालात को नियंत्रित किया. यह वही सीमा है, जहां बीजीबी ने सीमा पर बाड़ लगाने पर आपत्ति जताई थी. बीएसएफ के अनुसार, बीएसएफ मालदा के उप महानिरीक्षक और बीजीबी राजशाही के सेक्टर कमांडर के बीच बीओपी सोनमस्जिद, बांग्लादेश में एक अहम सेक्टर में कमांडर-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा अखंडता के महत्व को रेखांकित किया गया.
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इन बातों का किया गया जिक्र
उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीएसएफ के तरुण कुमार गौतम और बीजीबी के कर्नल मोहम्मद इमरान इब्ने रौफ ने किया, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे. चर्चा आपसी सीमा प्रबंधन हितों पर केंद्रित रही जिसमें अवैध सीमा गतिविधियों से निपटने और सीमा विवादों के बारे में मीडिया की गलतफहमियों को दूर करने पर जोर दिया गया.
इस वार्ता में मालदा में हाल ही में हुई सुकदेवपुर घटना पर प्रकाश डाला गया, तथा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सक्रिय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया.

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